हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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नई दिल्ली, मंगलवार, 11 अगस्त 2026। लोक सभा में विपक्ष ने मंगलवार को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के जिम्मेदारों के नाम उजागर करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दो बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाये। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों को अपने-अपने स्थान पर जाने का आग्रह किया। तेन्नेटी ने हंगामे के बीच केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के पारित कराया। उनके बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले लोक सभा में विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई के जिम्मेदारों के नाम उजागर करने और अयोध्या के राममंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य यह मांग करते हुए शोरगुल करने लगे कि राजधानी में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश किसने दिये, इसका खुलासा गृहमंत्री अमित शाह सदन में आकर करें। समाजवादी पार्टी के सदस्य राममंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच की मांग कर रहे थे। वे तख्तियां लेकर नारे लगा रहे थे। कई सदस्य सदन के बीचोंबीच आकर हंगामा और शोरशराबा कर रहे थे।

अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से कहा कि प्रश्नकाल बहुत महत्वपूर्ण होता है। वह कई बार आग्रह कर चुके हैं कि प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित न की जाये। इसमें जनता से जुड़े सवाल सरकार से पूछे जाते हैं और उनके निराकरण के बारे में सरकार सदन को सूचित करती है। बिरला ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी कई बार आग्रह किया है कि प्रश्नकाल बाधित न किया जाये क्योंकि इसमें सरकार और कार्यपालिका की जवाबदेही निर्धारित होती है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अनुरोध किया कि सदन चलाने में सहयोग करें। जनता भी यही चाहती है कि कार्यवाही चले। उन्होंने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी सभी दलों के नेताओं से इस बारे में आग्रह किया है। बिरला ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सरकारी पक्ष की ओर से स्पष्ट रूप से बताया गया कि गृह मंत्री विद्यार्थियों के मामले में सदन में जवाब देने को तैयार हैं। विद्यार्थियों के मामले में गृह मंत्री के जवाब देने पर सरकार ने सहमति जतायी है।

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