दिल्ली यातायात पुलिस ने कांवड़ यात्रा 2026 के लिए परामर्श जारी किया, मार्ग परिवर्तन लागू
नई दिल्ली, गुरुवार, 30 जुलाई 2026। कांवड़ यात्रा शुरू होने के बीच दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक परामर्श जारी कर इस यात्रा के अहम मार्ग जीटी रोड समेत कुछ अन्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वार्षिक कांवड़ यात्रा बृहस्पतिवार से शुरू हुई है और यह 11 अगस्त तक चलेगी और इस दौरान, गौमुख, गंगोत्री धाम और हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर लाखों शिव भक्त दिल्ली आएंगे या राष्ट्रीय राजधानी होते हुए पड़ोसी राज्यों में जाएंगे।
दिल्ली पुलिस ने भी कांवड़ियों की सुचारू और शांतिपूर्ण आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी भर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। दिल्ली यातायात पुलिस की पूर्वी रेंज के परामर्श के अनुसार, 30 जुलाई से 12 अगस्त तक जीटी रोड पर अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज, वजीराबाद रोड पर भोपुरा बॉर्डर से सिग्नेचर ब्रिज, विकास मार्ग, आशाराम त्यागी मार्ग (रोड नंबर-66), पुश्ता रोड और लोनी रोड पर नगर बसों को छोड़कर भारी वाहनों (एचटीवी) की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी या उनका मार्ग परिवर्तित किया जाएगा।
जाम कम करने और कांवड़ यात्रियों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रखने के लिए, भारी वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-नौ और एनएच-44 जैसे तय वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। यातायात पुलिस ने बताया कि कांवड़ियों की भारी आवाजाही को देखते हुए, अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक जीटी रोड आम यातायात के लिए नौ अगस्त की सुबह सात बजे से 12 अगस्त की रात आठ बजे तक बंद रहेगा। परामर्श में कहा गया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों और कांवड़ ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही की इजाज़त नहीं होगी।
इसमें कहा गया कि लोग जहां भी संभव हो वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और उन्हें प्रभावित हिस्सों से गुज़रना है तो यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें और मौके पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व, मध्य, बाहरी उत्तर, बाहरी, रोहिणी, द्वारका, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण ज़िलों से गुज़रने वाले मुख्य कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पड़ोसी राज्यों से दिल्ली आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि अहम जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल, त्वारित प्रतिक्रिया दल (क्यूटीआर), पीसीआर वैन तैनात की गई हैं और नाके लगाए गए हैं। साथ ही, कांवड़ यात्रा के रास्तों पर शिविर भी स्थापित किए गए हैं ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
अधिकारी ने कहा, "उत्तरपूर्वी दिल्ली में सात प्रमुख प्रवेश बिंदु हैं, जहां से कावंड़िए शहर में प्रवेश करते हैं। ये मार्ग कई अन्य जिलों से भी जुड़ते हैं, जो उन्हें सुरक्षा और यातायात प्रबंधन दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाते हैं। इन सभी स्थानों पर पर्याप्त तैनाती की गई है।" अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बैठकें भी की हैं।
अधिकारी ने कहा, "हमारी टीमें खुद को अधिकार क्षेत्र के मुद्दों तक सीमित नहीं रखेंगी। यदि मार्ग में कहीं भी सहायता की आवश्यकता होगी, तो पुलिस कर्मी तुरंत प्रतिक्रिया देंगे और संबंधित जिले के साथ समन्वय करेंगे।" दिल्ली यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को गाजीपुर के 'टेल्को पॉइंट' और शाहदरा जिले के चिंतामणि चौक पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यातायात प्रबंधन उपायों की समीक्षा की और जमीन पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ बातचीत की।
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