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नई दिल्ली, शुक्रवार, 24 जुलाई 2026। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दो अलग-अलग मामलों में वांछित दो फरार आरोपियों को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित किए जाने की प्रक्रिया में समन्वय किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आधिकारिक बयान के अनुसार, इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी होने के बाद सऊदी अरब से मुहम्मदअली कन्नीर पल्लियालिल को 23 जुलाई को भारत भेजा गया। सीबीआई ने विदेश मंत्रालय (एमईए), गृह मंत्रालय (एमएचए) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के साथ मिलकर इस पूरी प्रक्रिया में समन्वय किया। सीबीआई ने बताया कि एनआईए ने आरोपी को गैरकानूनी गतिविधियों और हत्या के मामले में वांछित घोषित किया था। बयान में कहा गया है, ‘‘आरोपी ने अपने साथियों के साथ एक बड़ी साजिश के तहत घातक हथियारों के साथ गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होकर पीड़ित की दुकान में जबरन प्रवेश किया, उसे रोककर रखा, गंभीर चोटें पहुंचाईं और हत्या कर दी।’’
सीबीआई के अनुसार, एनआईए के अनुरोध पर इंटरपोल का आरसीएन जारी होने के बाद आरोपी के सऊदी अरब में होने का पता चला और वहां की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद भारत ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा। बयान में कहा गया, ‘‘सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आरोपी को भारत भेज दिया गया।’’ एक अन्य कार्रवाई में सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर अविनाश अर्जुन राठौड़ को 23 जुलाई को यूएई से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की, जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। एक अन्य आधिकारिक बयान के अनुसार, राठौड़ एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित है।
बयान में कहा गया, ‘‘आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर निवेशकों को हर महीने तय और सुनिश्चित रिटर्न देने का झूठा वादा करके कई योजनाओं में निवेश करने के लिए बहलाया। इसके बाद उसने निवेशकों का पैसा बेईमानी से हड़प लिया और कई बैंक खातों तथा डीमैट खातों के जरिये उस रकम को इधर-उधर कर दिया।’’ बयान में यह भी कहा गया कि राठौड़ के खिलाफ पहले ही इंटरपोल के माध्यम से आरसीएन जारी किया जा चुका था। वह 23 जुलाई को मुंबई पहुंचा, जहां महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। सीबीआई ने कहा कि भारत के लिए इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय एजेंसी होने के नाते वह ‘भारतपोल’ के माध्यम से इंटरपोल के जरिये विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से समन्वय कर 170 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है।’
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