जाली नोट के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली, शुक्रवार, 17 जुलाई 2026। दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजधानी के बीच सक्रिय जाली नोट के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें इसका सरगना भी शामिल है। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 299 जाली नोट बरामद किए हैं और नवी मुंबई में एक प्रिंटिंग यूनिट का पता लगाया है। आरोपियों की पहचान नवी मुंबई निवासी नटराज मोहन कंचन (62), मुंबई के विनोद मुन्नीलाल जैसवार (38) और दिल्ली के मकसूदपुर इलाके के सुभाष चंद्र (55) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि भलस्वा डेयरी में एक दुकानदार को एक ग्राहक से जाली नोट मिले जिसके बाद इस गिरोह के बारे में पता चला। पुलिस के मुताबिक, भलस्वा डेयरी में जनरल स्टोर चलाने वाले पंकज ने बताया कि 29 जून की रात एक ग्राहक ने सिगरेट के पांच पैकेट खरीदे और 100 रुपये के छह नोटों में भुगतान किया।

अधिकारी ने कहा कि उसे नोटों के रूप और बनावट के कारण उनके जाली होने का संदेह हुआ और दुकानदान ने इलाके में गश्त कर रहे बीट अधिकारी को सूचित किया। अधिकारी मौके पर पहुंचे, नोटों की जांच की और उन्हें नकली पाया। संदिग्ध को हिरासत में लिया गया और बाद में उसकी पहचान नवी मुंबई निवासी नटराज मोहन कंचन के रूप में हुई। उसके सामान की तलाशी के दौरान पुलिस को उसके बैग से 100 रुपये के 96 नकली नोट बरामद हुए। इस बाबत मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच शुरू की गई।

अधिकारी ने कहा, "पूछताछ के दौरान कंचन ने खुलासा किया कि वह पहाड़गंज के एक होटल में रुका है। उसके होटल के कमरे पर छापेमारी में 100 रुपये के 180 नकली नोट और 500 रुपये के 13 नकली नोट बरामद हुए।" पुलिस ने कहा कि कंचन ने खुलासा किया कि उसने दिल्ली स्थित आरोपी सुभाष चंद्र को नकली नोटों की आपूर्ति की थी ताकि इन्हें राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में इस्तेमाल में लाया जा सके। चंद्रा को 30 जून को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से 100 रुपये के 10 नकली नोट बरामद किए गए।

जांच के दौरान पुलिस टीम नवी मुंबई पहुंची, जहां मुंबई पुलिस की सहायता से अधिकारियों को कंचन के आवास पर जाली नोट छापने वाली इकाई का पता चला। पुलिस ने नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया जाने वाला एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक लेमिनेशन मशीन, पेपर रोल, वॉटरमार्क पेपर और अन्य उपकरण बरामद किए। तकनीकी निगरानी और आगे की जांच के आधार पर, पुलिस ने 13 जुलाई को नवी मुंबई रेलवे स्टेशन से विनोद मुन्नीलाल जैसवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने कहा कि वह गिरोह सरगना है जिसने कथित तौर पर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का उपयोग करके जाली नोट तैयार किए और उनकी छपाई में मदद की।
 

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