अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के नए आरटीआई नियमों पर रोक का स्वागत किया

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पुणे, शुक्रवार, 03 जुलाई 2026। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार के आरटीआई नियमों में किए गए संशोधनों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया। इसके साथ ही, उन्होंने जोर दिया कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रस्तावित दिशानिर्देशों को स्थायी रूप से वापस ले लिया जाना चाहिए। उन्होंने नए नियमों के कारण पांच जुलाई से अपने अनिश्चितकालीन अनशन को टालने की भी घोषणा की।

महाराष्ट्र सूचना का अधिकार (आरटीआई) नियम, 2026 में कई बदलावों का प्रस्ताव किया गया था, जिनमें आरटीआई आवेदन शुल्क बढ़ाना, पहचान का प्रमाण अनिवार्य करना और यह शर्त शामिल थी कि हर आवेदन में केवल एक ही विषय से जुड़ी जानकारी मांगी जाए। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त को आरटीआई के नए अधिसूचित नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का निर्देश दिया।

अहिल्यानगर जिले के अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि से जारी एक बयान में हजारे ने महाराष्ट्र के लोगों, विशेष रूप से स्थानीय नागरिकों को एकजुट, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अभियान चलाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जनता के दबाव के कारण ही सरकार को आरटीआई नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगानी पड़ी। हजारे ने कहा कि यदि आरटीआई के संशोधित नियमों को लागू किया गया, तो इससे सूचना के अधिकार की पूरी व्यवस्था कमजोर पड़ जाएगी। उन्होंने कहा, ''मैं महाराष्ट्र के लोगों और रालेगण सिद्धि परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। लोगों की एकजुटता, जागरूकता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक दबाव के कारण ही सरकार ने आरटीआई नियम, 2026 के क्रियान्वयन को स्थगित करने का फैसला किया है।''

हजारे ने कहा कि सरकार का यह फैसला केवल विवादित नियमों के क्रियान्वयन को स्थगित करने तक सीमित है, न कि उन्हें अंतिम रूप से वापस लेने का। उन्होंने आगाह करते हुए कहा, ''हमारी अपेक्षा है कि आरटीआई को कमजोर करने वाले इन नियमों को पूरी तरह निरस्त किया जाए और जनता के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि सरकार इस प्रक्रिया को अधूरा छोड़ती है या नियमों को स्थायी रूप से वापस नहीं लेती, तो हमें फिर से लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।''

हजारे ने यह भी घोषणा की कि सरकार के फैसले तथा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के आग्रह को देखते हुए उन्होंने पांच जुलाई से रालेगण सिद्धि में शुरू होने वाले अपने प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा, ''मैं अपना अनशन इसलिए नहीं स्थगित कर रहा हूं कि मुझे सरकार पर भरोसा है, बल्कि इसलिए कि सरकार द्वारा शुरू की गई सकारात्मक प्रक्रिया को मौका मिल सके।'' नए नियमों को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं। आरटीआई कार्यकर्ताओं का दावा था कि इन प्रावधानों से सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक प्रतिबंधात्मक हो जाएगी, जिससे आरटीआई कानून की प्रभावशीलता कमजोर पड़ जाएगी।
 

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