सियाचिन से समुद्र तक सशस्त्र बलों ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
नई दिल्ली, रविवार, 21 जून 2026। सशस्त्र बलों ने सियाचिन हिमनद की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर कच्छ के विशाल रण तक और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों से लेकर समुद्र में नौसैनिक पोतों तक रविवार को देशभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया तथा शारीरिक स्वास्थ्य एवं मानसिक दृढ़ता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलांग में योग कार्यक्रम का नेतृत्व किया और भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह तथा अन्य वायु सेना कर्मियों के साथ पूर्वी वायु कमान की ओर से आयोजित योग सत्र में भाग लिया। सिंह ने योग सत्र का एक वीडियो साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''शिलांग में पूर्वी वायु कमान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा हूं। मैं सभी से योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह करता हूं।'' प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय की ओर से आयोजित योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
इस बीच, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने असम के तेजपुर में सैनिकों के साथ योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''पूर्वी क्षेत्र में सैनिकों के साथ कार्यक्रम में उनकी भागीदारी सभी भूभागों और परिस्थितियों में शारीरिक स्वास्थ्य, दृढ़ता एवं अभियानगत तैयारियों पर सेना के निरंतर जोर को दर्शाती है।'' इस वर्ष 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 'बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग' थीम के तहत मनाया जा रहा है जो सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए योग के महत्व को रेखांकित करता है।
सेना ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सियाचिन हिमनद की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पूर्वोत्तर में अरुणोदय की धरती से लेकर कच्छ के विशाल रण तक, सैनिकों ने विविध एवं चुनौतीपूर्ण भूभागों में योगाभ्यास कर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और समग्र स्वास्थ्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।'' इन कार्यक्रमों में भारतीय सेना के अनुशासन, दृढ़ता और स्वस्थ जीवन के मूल्यों की झलक मिली तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने एवं अभियानगत प्रभावशीलता बढ़ाने में योग की भूमिका रेखांकित हुई। राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय सेना ने दिल्ली छावनी स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित किया। विशाल वर्गाकार संरचना में खड़े सेना के जवानों और अन्य प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन किए।
अधिकारियों ने बताया कि उप थल सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित योग सत्र में 3,500 से अधिक प्रतिभागियों के साथ हिस्सा लिया। इनमें सैन्यकर्मी एवं उनके परिजन, पूर्व सैनिक, महिलाएं, बच्चे, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि 17 से अधिक देशों के रक्षा अताशे भी कार्यक्रम में शामिल हुए, जो योग के वैश्विक महत्व और स्वास्थ्य, सद्भाव एवं कल्याण के मार्ग के रूप में इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। रेगिस्तानी इलाकों, तटीय क्षेत्रों, द्वीपों और क्षेत्रीय सैन्य इकाइयों में भी योग सत्र आयोजित किए गए जिन्होंने योग की एकजुट करने वाली भावना को दर्शाया।
सेना की उत्तरी, पश्चिमी, पूर्वी, दक्षिणी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी कमान में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। समुद्र और बंदरगाहों पर मौजूद नौसैनिक पोतों तथा भारतीय तटरक्षक बल के पोतों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। यह दिन नौसेना के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि 'स्टील्थ फ्रिगेट' 'दूनागिरि' समेत प्रथम पंक्ति के तीन स्वदेशी पोतों को रविवार को कोलकाता में नौसेना में शामिल किया गया। भारतीय तटरक्षक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उसके पोतों 'वरद', 'समुद्र प्रताप', 'सार्थक', 'आरुष', 'सी-445', 'सी-161' और 'सी-156' पर तैनात कर्मियों ने योग सत्रों में हिस्सा लिया।
अधिकारी ने कहा, ''एकता और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता के उल्लेखनीय प्रदर्शन के तहत देश के विस्तृत समुद्र तट और द्वीपीय क्षेत्रों में तैनात भारतीय तटरक्षक बल के विभिन्न पोतों एवं प्रतिष्ठानों में समन्वित योग सत्र आयोजित किए गए।'' मुख्य कार्यक्रम नोएडा स्थित तटरक्षक परिसर में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया। अधिकारी ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने कार्यक्रम में भाग लिया और बल के 1,000 से अधिक कर्मियों एवं उनके परिजनों को संबोधित किया। थल सेना, नौसेना और वायु सेना की सभी सैन्य कमान इस वार्षिक आयोजन की तैयारियों में जुटी थीं। इस आयोजन का उद्देश्य शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
सेना की कई कमान ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले भी योग सत्र आयोजित किए थे। लखनऊ स्थित मध्य कमान ने इससे पहले 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, ''योग का धैर्य, सैनिक की शक्ति। योग शारीरिक ऊर्जा बढ़ाता है, मानसिक एकाग्रता को तेज करता है और आंतरिक संतुलन कायम करता है। यह लोगों को शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए अधिक स्वस्थ, अनुशासित और दृढ़ जीवन जीने में सक्षम बनाता है।'' भारतीय वायु सेना ने भी दिल्ली स्थित पश्चिमी वायु कमान से लेकर तिरुवनंतपुरम स्थित दक्षिणी वायु कमान तक अपनी विभिन्न कमान में कई कार्यक्रम आयोजित किए।
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