नीट पेपर लीक पर बढ़ा विरोध : शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बेंगलुरु में जुटे हजारों छात्र, दिग्गजों ने सरकार को घेरा
बेंगलुरु, सोमवार, 15 जून 2026। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में चल रहा आंदोलन रविवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क पहुँचा। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, नागरिक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई मार्किंग सिस्टम में गंभीर गड़बड़ियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त असमानता और संस्थागत जवाबदेही की कमी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।
आंदोलन को संबोधित करते हुए अभिनेता प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक पढ़ी-लिखी सरकार होने के बावजूद पेपर लीक जैसी घटनाओं पर मौन रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली को चुनौती देते हुए इसे छात्रों के भविष्य के लिए घातक बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि देश में लोकतंत्र नहीं बचा है, तो सरकार को इसे आधिकारिक रूप से तानाशाही घोषित कर देना चाहिए।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने असहमति की आवाजों को दबाने के लिए सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लेबल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है, लेकिन अब युवा झुकने वाले नहीं हैं। दिपके ने छात्रों से निडर होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आह्वान किया और घोषणा की कि वे स्वयं इस संघर्ष के लिए जेल जाने को तैयार हैं। यह आंदोलन अब छात्रों के भविष्य की लड़ाई के रूप में और अधिक तीव्र होता जा रहा है।
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