न्यायालय ने एसआईआर से संबंधित मुद्दे पर ममता और अन्य को नयी याचिकाएं दायर करने की अनुमति दी
नई दिल्ली, सोमवार, 11 मई 2026। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य व्यक्ति अपने इन दावों के संबंध में नयी याचिकाएं दायर कर सकते हैं कि राज्य में हाल में हुए चुनाव में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जीत का अंतर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हटाये (डिलीट किए) गये वोटों की तुलना में कम रहा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता एवं तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के इस आरोप के बाद की कि 31 सीट पर जीत का अंतर 'डिलीट' किए गए मतों के मुकाबले कम रहा।
निर्वाचन आयोग ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि इसका उचित उपाय चुनाव याचिका दायर करना है और एसआईआर तथा वोट जोड़ने या हटाने से संबंधित अपीलों के मामलों में निर्वाचन आयोग को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। राज्य की 294-सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल में संपन्न हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 207 सीट जीतीं, जबकि तृणमूल को 80 सीट पर जीत मिली। चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। पीठ राज्य में मतदाता सूची के एसआईआर से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिनमें ममता बनर्जी की याचिका भी शामिल है।
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