राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित, 109 प्रतिशत कामकाज हुआ

img

नई दिल्ली, शनिवार, 18 अप्रैल 2026। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने संसद के विस्तारित बजट सत्र के संपन्न होने के साथ ही उच्च सदन के 270 वें सत्र की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी। राधाकृष्णन ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद बजट सत्र के संपन्न होने की घोषणा करते हुए अपने समापन वक्तव्य में बजट सत्र के दौरान सदन में हुए महत्वपूर्ण कामकाज की जानकारी दी और फिर सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी। बजट सत्र दो चरणों में हुआ और पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक तथा दूसरा चरण नौ मार्च से दो अप्रैल को पूरा हुआ। इसके बाद महिला शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक पर चर्चा के वास्ते बजट सत्र की विस्तारित बैठक 16 से 18 अप्रैल तक हुई।

सभापति ने कहा कि संसद के तीन सत्रों में बजट सत्र को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। यह न केवल तीनों सत्रों में सबसे लंबा होता है बल्कि राष्ट्र की विकास दिशा को आकार देने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण भी होता है। इस सत्र के दौरान स्वीकृत बजटीय आवंटन, अनुमोदित नीतियां और निर्धारित प्राथमिकताएं भारत के प्रत्येक नागरिक के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि बजट सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई। बाद में इस पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चार दिन तक चर्चा चली, जिसमें सदन के 79 सदस्यों ने उत्साह और गंभीरता के साथ भाग लिया। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के उत्तर में प्रधानमंत्री ने विभिन्न सदस्यों द्वारा उठाए गए अनेक बिंदुओं पर स्पष्टता के साथ अपनी बात रखी।

राधाकृष्णन ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा भी उतनी ही सूक्ष्म और व्यापक रही। चार दिनों तक चली इस चर्चा में 97 सदस्यों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, सदन ने सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की। सदन ने वाणिज्य और उद्योग मंत्री द्वारा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर तथा विदेश मंत्री द्वारा पश्चिम एशिया की स्थिति पर दिए गए स्वतः संज्ञान वक्तव्यों को भी संज्ञान में लिया। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके परिणामस्वरूप विशेष रूप से भारत के समक्ष ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की चुनौतियों पर प्रधानमंत्री द्वारा दिया गये वक्तव्य ने बदलती परिस्थिति को उचित दृष्टिकोण में प्रस्तुत किया और उससे निपटने के लिए राष्ट्र के सामूहिक संकल्प की आवश्यकता पर बल दिया। 

सभापति ने कहा कि इस सत्र के दौरान 50 निजी सदस्य विधेयक प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि 94 अवसरों पर सदस्यों ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में वक्तव्य दिए। समग्र रूप से, सदन ने कुल 157 घंटे 40 मिनट कार्य किया। इस सत्र की उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही। सत्र के दौरान 117 प्रश्न पूछे गये, शून्यकाल में 446 और विशेष उल्लेख के दौरान 207 विषय उठाये गये। उन्होंने कहा कि इस सत्र में श्री हरिवंश का राज्यसभा के उपसभापति के रूप में तीसरी बार पुनः निर्वाचन भी हुआ। प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सदस्यों ने श्री हरिवंश को उनके पुनः निर्वाचन पर बधाई दी।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement