गुजरात में दलितों एवं आदिवासियों के खिलाफ नफरत और अत्याचार का माहौल लगातार गहरा रहा: राहुल
नई दिल्ली, रविवार, 29 मार्च 2026। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के शासन में गुजरात में दलित एवं आदिवासी समुदायों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और अत्याचार का वातावरण लगातार गहराता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने ऊना में कोड़े मारने की 2016 की घटना के पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताई और संकल्प लिया कि वह न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे।
गांधी ने गुजरात के दलित एवं आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों के समूह के साथ अपनी हालिया बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। इस समूह में ऊना में हुई घटना से प्रभावित लोग भी शामिल थे। कांग्रेस नेता ने वीडियो साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘यह मुलाकात बेहद पीड़ादायक और चिंतनशील रही।’’ गुजरात में कथित तौर पर कोड़े मारने की यह घटना 11 जुलाई 2016 को गिर सोमनाथ जिले के ऊना कस्बे के निकट मोटा समधियाला गांव में हुई थी, जब चार दलित युवक अपने पारंपरिक पेशे के तहत उस गाय की खाल उतार रहे थे, जिसकी कुछ समय पहले किसी दूसरे गांव में मौत हो गई थी। स्वयं को गोरक्षक बताने वाले आरोपियों ने इन युवकों को कोड़े मारे। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से हवालात में डाल दिया गया और पुलिसकर्मियों ने भी उनकी पिटाई की।
गांधी ने लिखा, ‘‘करीब 10 वर्ष पहले ऊना कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। कुछ दलित युवाओं को सरेआम निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। उस समय मैं उनके परिवारों के साथ खड़ा था।’’ उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक दशक बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला, न उनके घाव भरे हैं, उल्टा हालात और बदतर हो गए हैं। गांधी ने कहा, ‘‘आज जब मैंने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनीं तो यह स्पष्ट हुआ कि हालात सुधरने के बजाय और भी भयावह हो गए हैं। एक व्यक्ति को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके शरीर में 19 ‘फ्रैक्चर’ हो गए। एक अन्य व्यक्ति का भाई सिर्फ एक सनक में जिंदा जला दिया गया।’’ उन्होंने कहा कि ये घटनाएं केवल अपराध नहीं बल्कि भय और अन्याय से भरे माहौल की सच्चाई हैं।
गांधी ने कहा, ‘‘सबसे चिंताजनक बात यह है कि जो लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, उन्हें दबा दिया जाता है, कभी धमकियों से, तो कभी हिंसा से और कई बार हत्या करके। गुजरात में भाजपा सरकार के तहत दलितों और आदिवासी समुदायों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और अत्याचार का वातावरण लगातार गहराता जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि ऊना के पीड़ित आज भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं।गांधी ने कहा कि 10 वर्षों में न्याय का यह लंबा इंतजार अपने आप में एक बड़ा अन्याय है और यह सिर्फ कुछ घटनाओं की बात नहीं है बल्कि एक व्यवस्था की विफलता है जहां कमजोरों की आवाज दबाई जा रही है एवं अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैं इन परिवारों के साथ पहले भी खड़ा था, आज भी खड़ा हूं और न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाता रहूंगा।’’ उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा, ‘‘ऊना की चीख आज भी इंसाफ के दरवाजे पर दस्तक दे रही है। बीते 10 वर्षों से पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा शासित गुजरात में अपमान, हिंसा और हत्या- दलितों, आदिवासियों की हकीकत बना दी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘ (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के इसी असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण मॉडल को पूरे देश पर थोपा जा रहा है।’’
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