विश्व उपभोक्ता दिवस पर उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जयपुर में राज्य स्तरीय उपभोक्ता सम्मेलन आयोजित

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जयपुर, रविवार, 15 मार्च 2026। रविवार को विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राज्य स्तरीय उपभोक्ता सम्मेलन का आयोजन जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सुरक्षित उत्पाद-आश्वस्त उपभोक्ता थीम आधारित सम्मेलन में उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा ने अपने संबोधन में कहा कि नकली ब्रांडों की बाजार में बिक्री चिंताजनक है तथा एक बड़ी चुनौती है। इस संबंध में जागरूकता फैलाने की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में उपभोक्ताओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। 

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा विभिन्न नवाचारों के माध्यम से उपभोक्ता अदालतों को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं। इस क्रम में उपभोक्ता आयोगों में भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से करवाई गई ताकि व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का प्रावधान किया गया। इसके अतिरिक्त आयोग उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को वार्षिक रूप से 15 अवकाशों की भी स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश को आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने हेतु विभाग कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि आयोग में शिकायत लेकर पहुंचे आमजन के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। उपभोक्ता हेल्पलाइन को मजबूत करने की दिशा में सार्थक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण अंचलों में उपभोक्ता अधिकारों के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाएगी। 

इस दौरान गिव अप अभियान पर चर्चा करते हुए श्री गोदारा ने कहा की खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लोगों के नाम जुड़ने से अनेकों पात्र गरीब वंचित हो गए और संपन्न लाभ लेने लगे जिससे मूल उद्देश्य से योजना का भटकाव हुआ। उन्होंने कहा कि इस विसंगति को दूर करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 2016 में शुरू किए गए गिव इट अप अभियान से प्रेरणा लेकर राज्य में संपन्न लोगों को स्वेच्छा से अपनी खाद्य सब्सिडी त्यागने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए गिव अप अभियान की शुरुआत 1 नवंबर 2024 को की गई। करीब सोलह महीने चले इस अभियान के तहत करीब 55 लाख लोगों ने स्वप्रेरणा से खाद्य सब्सिडी छोड़ी। 27 लाख लाभार्थियों के नाम ई केवाईसी नहीं करवाने के कारण खाद्य सुरक्षा सूची से स्वत: हट गए। इस प्रकार 82 लाख पात्र वंचितों के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में जगह बनी। गत वर्ष 26 जनवरी को माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के कर कमलों से खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ होने के बाद करीब 77 लाख वंचित पात्रों को विभाग ने खाद्य सुरक्षा से जोड़ा है। इस अवसर पर उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा ने अध्यक्ष के रूप में उपस्थित प्रतिभागियों से गुणवत्ता युक्त वस्तुएं काम मे लेने की शपथ दिलाई।

मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास ने कहा कि उपभोक्ता को उचित संरक्षण देने हेतु उपभोक्ता अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया  प्रभावी होनी चाहिए। इसी क्रम में आज आयोजित हो रही राज्य तथा ज़िला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की एकदिवसीय कार्यशाला महत्वपूर्ण है। उचित एवं नियमित प्रशिक्षण से उपभोक्ता अदालतों में निस्तारण प्रक्रिया बेहतर होगी एवं अंततः उपभोक्ताओं को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हेल्पलाइन 14435 को मजबूत करना आवश्यक है। हेल्पलाइन मैं कार्यरत कार्मिकों के उचित प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि प्राप्त होने वाली शिकायतों का उचित निस्तारण हो एवं उपभोक्ता को न्याय मिले।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री एपी साही ने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य एवं ज़िला उपभोक्ता आयोगों के लिए उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि है। आयोगों के अध्यक्षों एवं सदस्यों को उपभोक्ता के संरक्षण की जिम्मेदारी का उत्कृष्टता के साथ निर्वहन करना है। उन्होंने कहा कि समय के साथ विभिन्न प्रावधानों से उपभोक्ता आयोग की शक्तियों और जिम्मेदारियां का व्यापक विस्तार हुआ है। आज जिला उपभोक्ता आयोग के पास पचास लाख रुपए तक के मामले निस्तारित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आयोग के कार्मिकों और कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से उपभोक्ता न्याय की प्रक्रिया ज्यादा त्वरित और प्रभावी बनेगी। विशिष्ट अतिथि राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग राज्य के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र कच्छावा ने कहा कि भ्रामक विज्ञापन, मिलावट, अमानकीकृत उत्पाद उपभोक्ता न्याय के क्षेत्र में सबसे बड़े मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर मानक ब्यूरो द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है ताकि मानकीकृत उत्पाद ही बाजार में बिके। उपभोक्ता प्रकरणों के निस्तारण में आज राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग देश में तीसरे स्थान पर है जो गर्व का विषय है। उपभोक्ता संरक्षण में राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों का कार्य सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य सूबे सिंह एवं हेमलता अग्रवाल द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। झुंझुनू के जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार मील द्वारा एक ही दिन में 133 भोक्ता मामलों का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि आयोग कार्यालयों में स्टेनोग्राफर तथा अन्य कार्मिकों की रिक्तियां भरने से कार्यशैली ओर अधिक तेज होगी। 

आमन्त्रित अथिति  कंज्यूमर कॉन्फेडरेशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष डॉ. अनन्त शर्मा ने कहा कि देश के उपभोक्ता अदालतों ने करोड़ों उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश में उपभोक्ताओं को सुरक्षा, सूचना, चयन, क्षतिपूर्ति, सुनवाई सहित छह अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा की हानिकारक रसायनों से निर्मित खाद्य उत्पादों की बाजार में बिक्री चिंता का विषय है। कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट के तहत हानिकारक खाद्य पदार्थों को निषेध किया गया है। एक बड़े तबके में उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। उत्पाद और सेवाओं में जरूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने से ही उपभोक्ता आश्वस्त हो सकेगा।

इससे पहले उपभोक्ता मामले विभाग के शासन सचिव श्री अम्बरीष कुमार ने सम्मेलन में सम्मिलित सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं के संरक्षण हेतु सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में उपभोक्ता मामले विभाग की निदेशक श्रीमती पूनम सागर ने सभी गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।  सम्मेलन के दौरान गिव अप अभियान पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही गणमान्य अतिथियों द्वारा राज्य स्तरीय उपभोक्ता सम्मेलन में  गिव अप अभियान से संबंधित पत्रिका, उपभोक्ता जागृति विशेषांक, भारतीय मानक ब्यूरो एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रकाशित सुरक्षित उत्पाद - आश्वस्त उपभोक्ता - सशक्त भारत पुस्तिका का लोकार्पण किया गया।

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