निष्पक्ष मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला, केरल चुनाव वैश्विक मॉडल बनेगा : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

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कोच्चि, शनिवार, 07 मार्च 2026। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि निष्पक्ष मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) स्पष्ट उद्देश्य से किया गया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए। उन्होंने यहां आगामी केरल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि लोकतंत्र राज्य के लिए नया नहीं है और केरल ने देश के कई हिस्सों को लोकतांत्रिक तौर-तरीके सिखाए हैं।

कुमार ने राज्य से अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि केरल 18 वर्षों तक उनका कार्यस्थल रहा है और लगभग 22 वर्ष पूर्व उन्होंने एर्नाकुलम जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया था। उन्होंने कहा कि केरल में आगामी विधानसभा चुनाव वैश्विक स्तर पर एक मिसाल कायम करेंगे और उन्होंने आशा जताई कि मतदाता 'लोकतंत्र के इस उत्सव' में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। केरल में विधानसभा की 140 सीट हैं, जिनमें 124 सामान्य, 14 अनुसूचित जाति के लिए और दो अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित हैं। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मई, 2026 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा, "निष्पक्ष मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। हाल ही में किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) का एक ही स्पष्ट उद्देश्य था, यह सुनिश्चित करना कि कोई भी पात्र मतदाता बाहर न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।"

कुमार ने बताया कि राज्य भर में 30,471 मतदान केंद्र होंगे, जिनमें लगभग 5,000 नए केंद्र शामिल हैं और 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि 397 मतदान केंद्रों का प्रबंधन पूरी तरह से महिलाओं द्वारा किया जाएगा और 790 से अधिक आदर्श मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 85 वर्ष से अधिक आयु के दो लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक और 100 साल से ज्यादा 1,571 बुजुर्ग घर से मतदान करने के पात्र होंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि 18 से 29 वर्ष की आयु के 49 लाख से अधिक युवा मतदाता मतदान करने के पात्र हैं। केरल में पहली बार 'इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' पर उम्मीदवारों की तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी, ताकि मतदाता आसानी से अपने उम्मीदवार की पहचान कर सकें। मतदाता सूचना पर्चियां भी वितरित की जाएंगी। कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग का ईसीआई नेट मोबाइल सॉफ्टवेयर 40 से अधिक एप्लिकेशन को एकीकृत करता है और हितधारकों को वास्तविक समय में चुनाव संबंधी डेटा उपलब्ध कराएगा।  पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी।

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