हरियाणा में राज्यसभा चुनाव: भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने नामांकन दाखिल किया

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चंडीगढ़, गुरुवार, 05 मार्च 2026। हरियाणा से खाली हो रही राज्यसभा की दो सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने बृहस्पतिवार को अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन ये नामांकन पत्र दाखिल किए गए। हरियाणा से राज्यसभा की दो सीट खाली हो रही हैं। भाजपा सदस्यों किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। भाजपा उम्मीदवार भाटिया के साथ नामांकन भरने के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे।

इससे पहले भाटिया ने यहां मुख्यमंत्री सैनी के आवास पर उनसे मुलाकात की। सैनी ने भाटिया को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने पर बधाई दी। सैनी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''देश के सर्वोच्च सदन राज्यसभा की सदस्यता हेतु आज हरियाणा से वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद संजय भाटिया जी की नामांकन प्रक्रिया में शामिल हुआ। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहनलाल बड़ौली जी सहित पार्टी के अन्य सम्मानित पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। संजय भाटिया जी को अग्रिम बधाई एवं मंगलकामनाएं।''

भाटिया ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह जनता और अपनी पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। बौद्ध ने नामांकन दाखिल करने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उन पर विश्वास दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे और राज्यसभा में जनता के मुद्दों को उठाएंगे। नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और हरियाणा के प्रभारी कांग्रेस महासचिव बी के हरिप्रसाद भी थे।

नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन कांग्रेस ने बौद्ध के नाम की घोषणा की। सुरजेवाला ने कहा कि राज्यसभा में ऐसे व्यक्ति को मनोनीत करके कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न केवल शोषित और वंचित वर्ग के साथ खड़ी है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले व्यक्ति को प्राथमिकता भी देती है। हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी बौद्ध एक दलित कार्यकर्ता भी रहे हैं जिन्होंने विभिन्न मंचों पर समुदाय से संबंधित मुद्दों को उठाया है। वह वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति विभाग के समन्वयक हैं। बौद्ध 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुलाना सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के दावेदार थे। हालांकि, उस समय पार्टी ने अंबाला के सांसद वरुण चौधरी की पत्नी पूजा चौधरी को टिकट दिया और उन्होंने सीट पर जीत दर्ज की। सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा चुनाव में बौद्ध को मैदान में उतारकर पार्टी ने जातिगत समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश की है।

हरियाणा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा जाट समुदाय से आते हैं जबकि कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय से हैं। बौद्ध का नाम घोषित करने से पहले जिन संभावित उम्मीदवारों के नाम चर्चा में थे उनमें कांग्रेस की हरियाणा इकाई के पूर्व अध्यक्ष उदय भान का नाम भी शामिल था। इससे पहले बौद्ध अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें कांग्रेस द्वारा राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के लिए दलित संपर्क समन्वयक भी नियुक्त किया गया था।

बौद्ध ने नामांकन के लिए राहुल गांधी, के सी वेणुगोपाल और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने हुड्डा, कुमारी सैलजा, बीरेंद्र सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला, राज्य इकाई के प्रमुख राव नरेंद्र सिंह और हरियाणा के प्रभारी पार्टी महासचिव बी के हरिप्रसाद सहित राज्य नेतृत्व को भी धन्यवाद दिया। बौद्ध ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि पार्टी नेतृत्व ने एक आम कार्यकर्ता पर अपना विश्वास व्यक्त किया है और उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस हमेशा किसानों, मजदूरों, दलितों, गरीबों और कमजोर वर्गों के साथ खड़ी रहती है और उनकी आवाज उठाती है। हरियाणा विधानसभा के 90 सदस्यों में से सत्तारूढ़ भाजपा के 48 विधायक हैं, कांग्रेस के 37, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो विधायक हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक सत्तारूढ़ पार्टी का समर्थन करते हैं। हरियाणा से राज्यसभा में पहुंचने के लिए दोनों उम्मीदवारों को 31-31 मतों की आवश्यकता होगी। भाजपा के भाटिया (58) को केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का करीबी माना जाता है।

चुनाव संबंधी अधिसूचनाएं 26 फरवरी को जारी की गईं। आवश्यकता पड़ने पर मतदान 16 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे के बीच होगा और मतों की गिनती उसी दिन शाम पांच बजे से शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच छह मार्च को होगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि नौ मार्च है। हाल ही में जारी निर्वाचन आयोग के मतदान कार्यक्रम के अनुसार हरियाणा, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु सहित 10 राज्यों से राज्यसभा की 37 सीट आगामी दो और नौ अप्रैल को रिक्त हो रही हैं। अगस्त 2024 में पूर्व मंत्री किरण चौधरी हरियाणा से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध चुनी गईं। वह अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था। उनका राज्यसभा कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होता।

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