आदित्य ठाकरे ने ताडोबा-अंधारी बाघ अभयारण्य गलियारे में खनन परियोजनाएं खारिज करने की अपील की

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मुंबई, शुक्रवार, 23 जनवरी 2026। शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र से महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा अंधारी बाघ अभयारण्य गलियारे में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं को खारिज करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ये परियोजनाएं ''पारिस्थितिकी को असीमित क्षति'' पहुंचाएंगी। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखे पत्र में ठाकरे ने कहा कि ये परियोजनाएं उन जंगलों के साथ-साथ उनमें रहने वाले वन्यजीवों के लिए भी हानिकारक हैं।

ठाकरे ने कहा, ''जनवरी के पहले सप्ताह में, महाराष्ट्र के राज्य वन्यजीव बोर्ड (एसबीडब्ल्यूएल) ने घोडाझरी वन्यजीव अभयारण्य के पास लोहारडोंगरी और ताडोबा अंधारी बाघ अभयारण्य गलियारे में मार्की-मंगली में खनन परियोजनाओं को मंजूरी दी।'' महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा, यह भी पता चला है कि एसबीडब्ल्यूएल के कुछ सदस्यों ने इन परियोजनाओं पर चिंता व्यक्त की और इनका विरोध किया, लेकिन दुर्भाग्यवश अध्यक्ष ने उनकी बात नहीं मानी। इन परियोजनाओं से अपेक्षित उत्पादन, इनके कारण पारिस्थितिकी को होने वाले अनियंत्रित नुकसान की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा, इनसे राज्य को मिलने वाला संभावित राजस्व भी नगण्य है।

ठाकरे ने कहा, "मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप अपने मंत्रालय के दायित्व के अनुसार इन जंगलों और इनमें निवास करने वाले वन्यजीवों की रक्षा करें। मैं आपसे विनम्रतापूर्वक आग्रह करता हूं कि आप राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड में इन परियोजनाओं पर पुनर्विचार करें और इन्हें अस्वीकार करें। हमारे जंगलों और जीव-जंतुओं का भविष्य अब आपके हाथों में है। मुझे आशा है कि मेरी अपील अनसुनी नहीं की जाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि यदि आप वास्तव में इन परियोजनाओं को अस्वीकार करते हैं, तो यह संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में आपकी विरासत को और मजबूत करेगा।"
 

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