प. बंगाल: आशा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

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कोलकाता, बुधवार, 21 जनवरी 2026। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ‘स्वास्थ्य भवन’ जा रहीं कई आशा कार्यकर्ताओं को बुधवार को विभिन्न जिलों में हिरासत में ले लिया गया। वे न्यूनतम मासिक मानदेय और बीमा कवर में वृद्धि सहित अपनी मांगों को लेकर एक मार्च में भाग लेने जा रही थीं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पुलिस ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने 23 दिसंबर से ‘काम बंद’ कर रखा है और उन्हें एहतियाती उपाय के तौर पर हिरासत में लिया गया है। प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने दावा किया कि पुलिस ने सियालदह और हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर बैरिकेड लगा दिए थे, जहां वे सुबह से ही विभिन्न जिलों से पहुंची थीं। 

कुछ आशा कार्यकर्ता इन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बैठी दिखीं। पश्चिम दिनाजपुर की एक आशा कार्यकर्ता ने दावा किया, ‘‘हमें सुबह 6:30 बजे से हावड़ा स्टेशन से बाहर निकलने से रोका गया है।’’  पुलिस ने बताया कि सुबह ‘स्वास्थ्य भवन’ के पास से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जहां वे अपना विरोध प्रदर्शन तेज करने के लिए इकट्ठा हुई थीं।

प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने इससे पहले आठ जनवरी को ‘स्वास्थ्य भवन’ तक मार्च किया था, जिसके बाद 12 जनवरी को एक और विरोध प्रदर्शन किया था। वे अपनी लंबे समय से लंबित मांग को लेकर वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं, जिसमें प्रदर्शन-आधारित भत्तों के बजाय निश्चित मासिक वेतन की मांग शामिल थी। आशा कार्यकर्ताओं की मांगों में न्यूनतम 15,000 रुपये का मासिक मानदेय और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये का बीमा कवर शामिल है। इस बीच, एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के पास सॉल्ट लेक स्थित ‘स्वास्थ्य भवन’ और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और यातायात नियंत्रित किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने मंगलवार को कानून व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘स्वास्थ्य भवन’ तक मार्च नहीं करने की सलाह दी थी।

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