तेलंगाना में 'डिजिटल अरेस्ट' घोखाधड़ी में बुर्जुग से 7.12 करोड़ रुपये की ठगी
हैदराबाद, रविवार, 04 जनवरी 2026। हैदराबाद में मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी करने वाले जालसाजों ने 81 वर्षीय एक व्यक्ति को मादक पदार्थ तस्करी रैकेट में शामिल होने की धमकी देकर 'सत्यापन' के बहाने उससे 7.12 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने पीड़ित को पिछले साल 27 अक्टूबर को फोन किया और खुद को एक कूरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए दावा किया कि मुंबई से थाईलैंड भेजे गए एक पार्सल में एमडीएमए (मादक पदार्थ), पासपोर्ट और कुछ डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिला है जिसे मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद, एक अन्य व्यक्ति ने मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग को फोन किया और कहा कि वह मादक पदार्थ तस्करी, धन शोधन एवं आतंकवादी गतिविधियों के एक बड़े रैकेट में शामिल है।
उन्होंने बताया कि जालसाजों ने बैंक खाते के 'सत्यापन' और मामले से बचने के बहाने बुजुर्ग से पैसे हस्तांतरित करवाए। पीड़ित बुजुर्ग ने दो महीने के भीतर कुल 7.12 करोड़ रुपये हस्तांतरित कर दिए। जब जालसाजों ने और पैसे मांगे तो उन्होंने 30 दिसंबर को तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 'डिजिटल अरेस्ट' ठगी का वह तरीका है जिसमें जालसाज पुलिस या जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर वीडियो फोन के माध्यम से पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे पैसे ठग लेते हैं।
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