मोदी सरकार की ‘‘गैरकानूनी कार्रवाई बेनकाब’’ हुई, ‘‘दुष्प्रचार’’ ध्वस्त हुआ: कांग्रेस

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नई दिल्ली, मंगलवार, 16 दिसंबर 2025। कांग्रेस ने मंगलवार को ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से अदालत द्वारा इनकार किए जाने को सत्य की जीत करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की ‘‘गैरकानूनी कार्रवाई बेनकाब हो गई है तथा दुष्प्रचार ध्वस्त हो’’ गया है। दिल्ली की एक अदालत ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ धन शोधन के मामले में ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नेशनल हेराल्ड मामले में शानदार जीत हुई। न्यायाधीश को यह मामला संज्ञान में लेने लायक भी नहीं लगा। अब तक का सबसे अजीब मामला है जिसमें पैसे का बिल्कुल भी लेन-देन नहीं हुआ, अचल संपत्ति में एक इंच भी बदलाव नहीं हुआ, फिर भी ईडी का कहना है कि बहुत बड़ा धनशोधन हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद भाजपा कथित धनशोधन को लेकर बहुत ज़्यादा हंगामा कर रही है। सिंघवी ने कहा कि किसी भी चीज को बढ़ा-चढ़ाकर बताना, खूब द्रष्प्रचार करना और कोई सच्चाई नहीं होना, मौजूदा सरकार की पहचान बन गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा, ‘‘आज सत्य की जीत हुई है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पिछले 10 साल से जारी मोदी सरकार की बदले की राजनीति और गैरकानूनी तरीके से की गई कार्रवाई आज पूरी तरह से बेनकाब हो गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अदालत का फैसला है कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई प्राथमिकी नहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता। मोदी सरकार ने एक दशक से कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से कार्रवाई की जिसका आज पूरे देश के सामने पर्दाफाश हो गया।’’ सुप्रिया ने कहा कि धनशोधन का कोई मामला नहीं, अपराध की कोई आय नहीं और संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं हुआ, लेकिन भाजपा और मोदी सरकार के ‘‘चरणचुम्बकों’’ ने ये सभी घटिया आरोप और लांछन द्वेष की भावना से कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए।

उन्होंने कहा कि यह दुष्प्रचार धराशायी हो गया है। सुप्रिया ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी सच और साहस के साथ लड़ती है और आज फिर हम सही साबित हुए।’’ प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि वह अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगा। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि इस मामले में दाखिल आरोपपत्र एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर की गई जांच पर आधारित है, न कि किसी मूल अपराध से संबंधित प्राथमिकी पर। उन्होंने कहा कि कानून के तहत इस पर संज्ञान लेना स्वीकार्य नहीं है।
 

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