राज्यसभा में उठी राष्ट्रीय टीकाकरण में हेपेटाइटिस ए को शामिल करने की मांग
नई दिल्ली, गुरुवार, 04 दिसंबर 2025। हेपेटाइटिस ए के संक्रमण के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने मांग की कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में इसे शामिल किया जाए ताकि इस बीमारी से बचाव हो सके। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा की दर्शना सिंह ने कहा कि आज के परिवेश में अनुचित खान पान और अनियंत्रित दिनचर्या की वजह से जिगर की समस्या आम हो गई है और यह बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इस समस्या का इलाज भी महंगा है और अंगदान के प्रति जागरुकता की कमी की वजह से जिगर का दान भी आसानी से नहीं हो पाता। जबकि जिगर शरीर के 500 से अधिक कार्यों में भागीदार होता है फिर भी इस महत्वपूर्ण अंग की अहमियत हम समझ नहीं पाते। ‘‘यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग सर्वाधिक उपेक्षित होता है।’’
दर्शना ने कहा कि दूषित पानी और दूषित भोजन से हेपेटाइटिस ए होता है लेकिन आज कई लोग हेपेटाइटिस ए को वायरल संक्रमण मान लेते हैं और इसे गंभीरता से नहीं लेते तथा नतीजा जिगर के काम करना बंद करने के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा कि एक शोध में पाया गया कि जिगर फेल होने के 44 फीसदी मामलों में कारण हेपेटाइटिस ए होता है। उन्होंने कहा कि जागरुकता का अभाव, आर्थिक तंगी और दानदाता की कमी की वजह से जिगर का दान भी आसानी से नहीं हो पाता।
दर्शना ने कहा कि हाल ही में हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और जयपुर के चार बड़े अस्पतालों की ओर से किए गए एक अध्ययन में डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस ए के टीकाकरण की जरूरत रेखांकित की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में हेपेटाइटिस बी शामिल है लेकिन हेपेटाइटिस ए शामिल नहीं है। उन्होंने मांग की कि हेपेटाइटिस ए को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि इस बीमारी से बचाव संभव हो सके।
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