न्यायाधीशों का काम तनावपूर्ण, मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेना जरूरी: प्रधान न्यायाधीश
नई दिल्ली, शनिवार, 29 नवंबर 2025। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों का काम घंटों लंबा होने के साथ-साथ अत्यंत तनावपूर्ण होता है जिसके लिए उन्हें अवकाश के दौरान स्वयं को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। ‘अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप’ के उद्घाटन समारोह में मीडिया से बात करते हुए सीजेआई ने कहा कि न्यायधीशों को अपनी उम्र के हिसाब से मनोरंजन गतिविधियों में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘न्यायाधीशों के काम के घंटे लंबे होते हैं और उनके काम का स्वरूप बहुत तनावपूर्ण होता है। बैठने के घंटे भी लंबे होते हैं। सभी न्यायाधीशों को किसी मनोरंजक गतिविधि में हिस्सा लेना चाहिए और इसे अपनी आदत बना लेनी चाहिए। उन्हें खुद को तरोताजा करने के लिए मनोरंजन की जरूरत होती है।”
सीजेआई कांत ने कहा, ‘उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बड़ी संख्या में इस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पता चलता है कि वे अपने स्वास्थ्य और भलाई को लेकर सचेत हैं।’ इस समारोह में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश मौजूद थे। दो दिन की यह चैंपियनशिप यहां त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई है। समापन और पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता रविवार को पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ करेंगे। पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका ने यह कार्यक्रम आयोजित किया है।
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