जम्मू-कश्मीर में आर्थिक समृद्धि के लिए बिजली उत्पादन और प्रभावी वितरण अहम: उमर
श्रीनगर, मंगलवार, 16 सितंबर 2025। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश में बिजली के निजीकरण की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि उनका लक्ष्य बिजली क्षेत्र को मजबूत करना और उसमें सुधार लाना है। अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ हम निजीकरण की बात नहीं कर रहे हैं। अगर हम अपना घाटा कम कर लें, बिलिंग दक्षता में सुधार कर लें और राजस्व सृजन बढ़ा लें तो इसकी कोई जरूरत नहीं रहेगी। मेरा दृष्टिकोण जम्मू-कश्मीर में बिजली क्षेत्र को मजबूत करना और बेहतर बनाना है।’’ मुख्यमंत्री ने सोमवार देर शाम एसकेआईसीसी में 58वें इंजीनियर्स दिवस पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम भारत में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया के अग्रणी योगदान को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन और प्रभावी वितरण जम्मू-कश्मीर में आर्थिक समृद्धि की कुंजी है। उन्होंने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर के आर्थिक हालात बदलने का यही एकमात्र तरीका है। हमें बिजली पैदा करनी चाहिए और उसे अन्य क्षेत्रों को बेचना चाहिए, खासकर तब जब उनका उत्पादन कम हो। लेकिन इसे हासिल करने के लिए हमें सबसे पहले बिजली क्षेत्र में घाटे को कम करना होगा।’’ अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने बिजली विभाग अपने पास रखने का फैसला इसलिए किया ‘‘क्योंकि अगर हम वास्तव में जम्मू-कश्मीर को समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र ऊर्जा विकास विभाग है।’’
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