आंध्र प्रदेश में वित्तीय दबाव और बढ़ गया : वाई एस जगन मोहन रेड्डी

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अमरावती, शनिवार, 26 जुलाई 2025। आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के नवीनतम आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में वित्तीय दबाव ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में और बढ़ गया है’’। रेड्डी ने कहा कि पहली तिमाही के लिए कैग के मासिक प्रमुख संकेतक राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए ‘संकटपूर्ण दृष्टिकोण’ का संकेत देते हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राजकोषीय दबाव और भी बढ़ गया है। कैग ने इस अवधि के लिए मासिक प्रमुख संकेतक अपलोड किए हैं और ये आंकड़े स्पष्ट रूप से राज्य सरकार की वित्तीय स्थिरता के लिए संकटपूर्ण दृष्टिकोण का संकेत देते हैं।’’ उन्होंने कहा कि विशेषकर आंध्र प्रदेश जैसे राज्य में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि यह राज्य विभाजन से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेड्डी ने कहा, ‘‘केवल कल्याण और विकास जैसे आवश्यक क्षेत्रों में सरकारी व्यय की सही मात्रा ही निजी उपभोग और निवेश को बढ़ावा दे सकती है, जिससे एक सकारात्मक चक्र को बढ़ावा मिलता है।’’

उन्होंने कहा कि सभी सरकारी राजस्व स्रोतों में वृद्धि ‘धीमी’ रही, जिसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान राज्य के कर और गैर-कर राजस्व दोनों में सुस्त प्रदर्शन हुआ। उन्होंने दावा किया, ‘‘यह बिल्कुल स्पष्ट है कि राज्य ने अपनी आर्थिक उछाल खो दी है, जैसा कि सरकारी राजस्व की कुछ श्रेणियों में बेहद कम वृद्धि और अन्य में नकारात्मक वृद्धि से स्पष्ट है।’’ रेड्डी ने कहा कि जीएसटी और बिक्री कर आम तौर पर उपभोग के स्तर को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि कैग के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले तीन महीनों में इन मदों के तहत राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कम था।

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