भारत को 2040 तक कक्षा में अपने उपग्रहों की संख्या तीन गुनी करनी होगी: इसरो प्रमुख

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हैदराबाद, शुक्रवार, 25 जुलाई 2025। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने शुक्रवार को कहा कि भारत को अगले तीन वर्ष के अंदर अंतरिक्ष में अपने उपग्रहों की संख्या तीन गुनी करनी होगी। वर्तमान में अंतरिक्ष में भारत के 55 उपग्रह हैं। नारायणन ने ‘भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम - उपलब्धियां, चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं विषय पर जीपी बिड़ला मेमोरियल व्याख्यान’ में कहा कि 2040 तक भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अनुप्रयोग क्षेत्र और बुनियादी ढांचा के मामले में किसी भी अन्य देश के बराबर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल इसरो ने 12 प्रक्षेपण यान मिशनों की योजना बनाई है। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा)-इसरो के सहयोग से आगामी नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) मिशन 30 जुलाई को भारत के जीएसएलवी एफ16 द्वारा प्रक्षेपित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने पर काम कर रहे हैं। हम अपना चंद्रयान लैंड कराने जा रहे हैं। अभी, 55 उपग्रह कक्षा में हैं और देश के आम आदमी की सेवा कर रहे हैं। अगले तीन वर्षों में यह संख्या लगभग तीन गुना हो जानी चाहिए। आवश्यकता बहुत बड़ी है। मांग इतनी ज्यादा है कि हमें उपग्रह बनाने ही होंगे। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।’’, बाद में, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि 2035 में भारत एक अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण करेगा और पहला मॉड्यूल 2028 में कक्षा में स्थापित किया जाएगा। नारायणन ने कहा कि जहां तक अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों का सवाल है, इस पर बहुत काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले इसरो का कार्य मॉडल सेवा-उन्मुख हुआ करता था, लेकिन अब वह व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाना चाहता है।
 

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