केदारनाथ यात्रा मार्ग: बीमार घोड़े-खच्चरों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेगा चारा
रूद्रप्रयाग/देहरादून, गुरुवार, 08 मई 2025। उत्तराखंड में श्री केदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़ा-खच्चर अहम भूमिका निभाते हैं। पिछले कुछ दिनों से इनमें इक्वाइन इंफ्लुएंजा के लक्षण दिखाई देने एवं कुछ पशुओं की मृत्यु होने के पश्चात जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनेक कदम उठाए हैं। प्रशासन ने पिछले 48 घंटे से श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई है, जो फिलहाल जारी है। 18 चिकित्सकों की टीम के साथ साथ पंतनगर विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान हिसार के विशेषज्ञ चिकित्सक लगातार सैंपलिंग एवं परीक्षण कर रहे हैं।
इसी क्रम में घोड़े-खच्चर मालिकों को तात्कालिक राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने एक और कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने दो क्वारंटीन सेंटर, चेतक-1 एवं चेतक-2 बनाए हैं। साथ ही घोड़े खच्चरों के मालिकों से अपील की है कि वे अपने बीमार घोड़े-खच्चरों को इन सेंटरों में रखें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत ने बताया कि क्वारंटीन सेंटरों में बीमार घोड़े-खच्चरों ठीक होने तक खाने के चारे से लेकर सभी तरह की देखभाल पशुपालन विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन पशुपालकों के घोड़े-खच्चर बीमार हैं, वे इक्वाइन इंफ्लुएंजा बीमारी का प्रमाणपत्र पशुपालन विभाग को दिखाकर पचास प्रतिशत सब्सिडी पर पर चारा क्रय कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन घोड़े-खच्चरों में फैली बीमारी पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है और इस दौरान पशुपालकों के लिए दवाइयां एवं रियायती दर पर चारा भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि इस संकट की घड़ी में धैर्य बनाकर रखें एवं प्रशासन द्वारा समय समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करते रहें।
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