वक्फ विधेयक पर कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज होने की हुर्रियत और पीडीपी ने की निंदा

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श्रीनगर, सोमवार, 07 अप्रैल 2025। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने सोमवार को वक्फ मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के लिए जम्मू कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष की आलोचना की। वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख मजबूबा मुफ्ती ने विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय को निराशाजनक बताते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस नीत राज्य सरकार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘मुस्लिम विरोधी’ एजेंडे पर चलने का आरोप लगाया।

मीरवाइज ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह हास्यास्पद और निंदनीय है कि तमिलनाडु, जहां केवल 6 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, अपनी विधानसभा में एक मजबूत वक्फ विरोधी प्रस्ताव पारित करता है, जबकि मुस्लिम बहुल जम्मू कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष तकनीकी पहलुओं की आड़ में राज्य के मुसलमानों के लिए इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा कराने से इनकार कर रहे हैं।’’ महबूबा मुफ्ती ने भी कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को तमिलनाडु सरकार से सबक लेना चाहिए था जिसने वक्फ विधेयक का कड़ा विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कार्य स्थगन प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में है।  मीरवाइज ने कहा कि विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को लोगों के हितों की रक्षा के लिए भारी जनादेश मिला था।

उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा अध्यक्ष को तो पता होगा कि उनकी पार्टी को मजबूत जनादेश इसलिए मिला क्योंकि पार्टी ने अगस्त 2019 से कुचले जा रहे लोगों के हितों की रक्षा करने और महत्वपूर्ण मामलों में उनके लिए खड़े होने का वादा किया था।’’ पिछले हफ्ते संसद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित किया था। इस अधिनियम का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों (धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए मुसलमानों द्वारा स्थायी रूप से दान की गई संपत्ति) के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है।

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