राजस्थान : विधानसभा में मंत्री की टिप्पणी को लेकर गतिरोध जारी, सदन की कार्यवाही चौथी बार स्थगित

img

जयपुर, सोमवार, 24 फ़रवरी 2025। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ टिप्पणी और छह विपक्षी कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने के मुद्दे पर बार-बार कार्यवाही बाधित हुई और बैठक चौथी बार स्थगित की गई। विधानसभा में तीन बार स्थगन के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य नेताओं ने मुद्दे को सुलझाने के लिए विपक्षी कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें गतिरोध समाप्त करने के लिए आम सहमति बनी।

इस सहमति के बावजूद गतिरोध जारी रहा क्योंकि कांग्रेस विधायक और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के सदन में दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं थे। पटेल ने कहा कि डोटासरा को सदन में अपने आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए, लेकिन डोटासरा ने कहा कि वह मंत्री अविनाश गहलोत के माफी मांगने के बाद ही सदन में माफी मांगेंगे। डोटासरा के जवाब पर असहमति जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को चौथी बार आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। 

इससे पहले, तीसरे स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो निलंबित छह विधायकों को छोड़कर कांग्रेस के सभी विधायक अपनी सीटों पर लौट आए। डोटासरा समेत निलंबित विधायक सदन में नहीं आए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सदन में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को कोई व्यवस्था देनी चाहिए, ताकि गतिरोध समाप्त हो सके।

कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने भी कहा कि गतिरोध होने पर संवाद की परंपरा रही है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी कहा कि गतिरोध ठीक नहीं है। उनके बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गोविंद सिंह डोटासरा को सदन के अंदर बुलाया और उनसे इस मामले पर बोलने को कहा। डोटासरा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी पर कैबिनेट मंत्री की टिप्पणी के बाद शुक्रवार को सदन में जो कुछ भी हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि शुक्रवार को वह और अन्य विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष को संरक्षण दे रहे हैं और उम्मीद है कि यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पूरा प्रकरण खेदजनक है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि उन्होंने (डोटासरा) अपने आचरण के लिए माफी नहीं मांगी है। संसदीय कार्य मंत्री ने भी कहा कि डोटासरा को वही सदन में कहना चाहिए जो बैठक में तय हुआ था। उन्होंने कहा कि डोटासरा को अपने आचरण के लिए खेद व्यक्त करना चाहिए। इस पर कांग्रेस विधायक डोटासरा ने कहा कि मामला कैबिनेट मंत्री की टिप्पणी से शुरू हुआ और उन्हें पहले अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताना चाहिए और उसके बाद ही वह बोलेंगे।

उन्होंने कहा, ‘मैं पहले मंत्री की बात सुनूंगा, इसके बाद ही (माफी के लिए) सदन में कहूंगा।’ पटेल ने कहा कि बैठक में डोटासरा ने खेद व्यक्त करने पर स्पष्ट रूप से सहमति जताई थी, लेकिन अब वह ऐसा नहीं कर रहे हैं, जो उनके अनुसार सदन का अपमान है। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए चौथी बार स्थगित कर दी। इससे पहले कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। इस दौरान सदन में प्रश्नकाल शुरू होने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत सभी छह निलंबित विधायक मौजूद थे।

विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित सदस्यों को सदन से बाहर जाने को कहा, लेकिन उन्होंने अपना विरोध जारी रखा, जिसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। जब बैठक दोपहर 12 बजे फिर से शुरू हुई तो कांग्रेस विधायकों ने विरोध जारी रखा। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही फिर दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी और निलंबित विधायकों को सदन से बाहर निकालने के लिए मार्शल बुलाए। हालांकि, निलंबित कांग्रेस विधायकों ने सदन छोड़ने से इनकार कर दिया। जब सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे फिर से शुरू हुई तब भी हंगामा जारी था जिसके बाद पीठासीन सभापति फूल सिंह ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

उल्लेखनीय है कि मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी प्रश्न का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा था, ‘‘2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।’’ इस टिप्पणी को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ था, जिसके कारण तीन बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकम अली और संजय कुमार सहित छह कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया। सदन की बैठक स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने मंत्री से माफी मांगने और निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए विधानसभा में धरना शुरू कर दिया।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement