अंतरिक्ष सम्मिलन प्रौद्योगिकी परीक्षण के लिए प्रेषित इसरो के दोनों यान अब होल्ड मोड में

img

नई दिल्ली, शनिवार, 11 जनवरी 2025। अंतरिक्ष में भेजे गए दो अलग-अलग उपग्रहों या यानों को परस्पर मिलने की स्वदेशी स्पेस डॉकिंग प्रौद्योगिकी (स्पाडेक्स) को सिद्ध करने के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिशन के अंतर्गत प्रक्षेपित किए गए दोनों यानों को अंतरिक्ष में दोनों के बीच 1500 मीटर के फासले पर विराम की मुद्रा में ला दिया। इसरो ने कहा है कि इनकी डॉकिंग (परस्पर पर जोड़ने) की कवायत से पहले इन्हें शनिवार को इनके बीच की दूरी घटकर 500 मीटर तक की जाएगी। इसरो ने शुक्रवार शाम एक बयान में कहा, 'दोनों अंतरिक्ष यान वर्तमान में 1.5 किलोमीटर दूर स्थित हैं और होल्ड मोड में काम कर रहे हैं। यह परिचालन स्थिति इंगित करती है कि वे आगे नहीं बढ़ रहे हैं और अपनी वर्तमान दूरी बनाए हुए हैं।

इसरो ने कहा है ''अंतरिक्ष यानों को करीब लाने और दूरी को घटाकर 500 मीटर करने की योजना बनाई जा रही है। यह बदलाव कल सुबह तक होने की उम्मीद है। ये दोनों यान इसरो के उपग्रह प्रक्षेपण रॉकेट पीएसएलवी से 30 दिसंबर को प्रक्षेपित किए गए थे। इनको पहले के कार्यक्रम के अनुसार सात जनवरी को परस्पर जोड़ा जाना था बाद में घोषणा की गई थी यह कार्य नौ जनवरी को किया जाएगा। दो अंतरिक्ष यान को परस्पर जोड़कर एक करने की प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और मानव सहित अंतरिक्ष मिशन के लिए जरूरी है।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement