वायनाड लोस उपचुनाव : भूस्खलन पीड़ितों के लिए पुनर्वास का मुद्दा प्रमुख

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वायनाड (केरल), रविवार, 27 अक्टूबर 2024। केरल की वायनाड लोकसभा सीट के लिए अगले महीने होने वाले उपचुनाव का प्रमुख मुद्दा 30 जुलाई को हुए भूस्खलनों के पीड़ितों के पुनर्वास से जुड़ा है और कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) तथा माकपा-नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने प्रभावित परिवारों की चिंताओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। सरकार के अनुसार, इस भीषण आपदा में 231 लोगों की मौत हो गयी और 47 लोग अब भी लापता हैं।

वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान होगा। स्थानीय सांसद तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ रहा है। राहुल ने इस साल हुए आम चुनाव में वायनाड और उत्तर प्रदेश की रायबरेली दोनों सीट से जीत हासिल की थी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुनर्वास के लिए जमीन अधिग्रहण तेजी से पूरा होना चाहिए, क्योंकि जमीन मालिकों के इसे केरल उच्च न्यायालय में चुनौती देने के कारण इसमें देरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ऋण माफी, तत्काल राहत सहायता और विस्थापित एवं किराये के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए किराये में बढ़ोतरी की मांग भी पूरी नहीं हुई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)-नीत एलडीएफ प्रत्याशी सत्यन मोकेरी ने शनिवार को कई भूस्खलन पीड़ितों से उनके किराये के आवास में मुलाकात की और दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार के पुनर्वास प्रयास विश्व के लिए आदर्श हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर इस पर्वतीय जिले के भूस्खलन से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए कोई मदद न उपलब्ध कराने का भी आरोप लगाया।

यूडीएफ प्रत्याशी एवं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने एक भावुक खुले पत्र में अपने भाई तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ चूरलमाला और मुंडक्कई के दौरे को याद किया, जहां उन्होंने भूस्खलन से मची तबाही देखी। वायनाड में कलपेट्टा से कांग्रेस विधायक टी. सिद्दीकी ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आश्वासन के बावजूद केंद्र ने वायनाड के भूस्खलन प्रभावित लोगों के राहत एवं पुनर्वास के लिए केंद्र की ओर से एक पैसा भी नहीं दिया गया। वहीं, भाजपा प्रत्याशी नव्या हरिदास के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से भूस्खलन पीड़ितों को सांत्वना दी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने अभी तक पीड़ितों को केंद्र सरकार द्वारा दी गई राहत सहायता उपलब्ध नहीं करायी है। केरल के राजस्व मंत्री के. राजन ने कहा, ‘‘आपदा को 100 दिन बीत गए हैं और हम अब भी विशेष राहत पैकेज का इंतजार कर रहे हैं।’’ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और नेताओं के समर्थन के बीच भूस्खलन से पीड़ित लोग अपने पुनर्वास के संबंध में सभी उम्मीदवारों से ध्यान देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। जनसंवाद एक्शन कमेटी के अध्यक्ष नसीर अलाक्कल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम अपने मुद्दों को राजनीतिक दलों के सामने लाने के लिए कलपेट्टा या मेप्पडी में अनशन करने की योजना बना रहे हैं। हमें लगता है कि अगर प्रियंका गांधी के प्रचार अभियान के लिए वायनाड आने के दौरान यह होता है तो इसका अधिक असर होगा।’’

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