उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मुकेश बोरा की जमानत याचिका पर सरकार से जवाब मांगा
नैनीताल, गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को लालकुआं दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष और दुष्कर्म के आरोपी मुकेश बोरा की जमानत अर्जी पर सुनवाई की । बोरा पर आरोप है कि उन्होंने दुग्ध संघ में संविदा पर कार्यरत एक महिला से कथित तौर पर दुष्कर्म किया तथा उसकी नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की। मामले की सुनवाई करने के बाद न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकल पीठ ने राज्य सरकार से इस संबंध में चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने आरोपी को कोई राहत नहीं दी ।
इससे पहले, उच्च न्यायालय ने बोरा की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के अनुरोध वाली अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और आरोपी से पुलिस के सामने समर्पण करने को कहा था। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया था । दुग्ध संघ में काम करने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी नौकरी पक्की कराने के नाम पर आरोपी 2021 से उससे दुष्कर्म कर रहा था । इसके अलावा, बोरा ने पीड़िता की नाबालिग पुत्री से छेड़छाड़ भी की । बोरा पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
Similar Post
-
अंडा विवाद महुआ मोइत्रा हाईकोर्ट पहुंची, अदालत ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
कोलकाता, सोमवार, 21 सितंबर 2026। तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांस ...
-
असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने चंद्रपुर में इसरो के एडवांस्ड रडार सेंटर की आधारशिला रखी
गुवाहाटी, सोमवार, 21 सितंबर 2026। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस् ...
-
आदिवासी कल्याण घोटाला कर्नाटक सीएम का बड़ा बयान, बोले- बेगुनाह को देना पड़ा इस्तीफा
बेंगलुरु, सोमवार, 21 सितंबर 2026। आदिवासी कल्याण घोटाले के सिलस ...
