तंवर ने हरियाणा के दलित और ओबीसी मतदाताओं से कांग्रेस के समर्थन की अपील की
नई दिल्ली, शुक्रवार, 04 अक्टूबर 2024। पूर्व सांसद अशोक तंवर शुक्रवार को कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल हो गए और हरियाणा के दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों के मतदाताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस को बड़ा जनादेश दें ताकि यह प्रदेश नंबर एक बन सके। तंवर बृहस्पतिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हरियाणा के महेंद्रगढ़ में चुनावी मंच पर नजर आए थे। इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था। पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कांग्रेस मुख्यालय में तंवर का स्वागत किया और उन्हें संविधान की एक प्रति भी सौंपी।
माकन ने तंवर का पार्टी में औपचारिक रूप से स्वागत करते हुए कहा, ‘‘हम सभी ने संविधान की रक्षा करने का प्रण लिया है। हम देश के संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हमें आशा है कि अशोक तंवर जी के आने से इन प्रयासों को और बल मिलेगा।’’ तंवर ने कहा, ‘‘मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से हुई। कुछ समय के लिए मैं भाजपा में शामिल हो गया था, लेकिन वहां देश के संविधान और बाबासाहेब के प्रति कोई आस्था नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को बांटने का काम करती है, लेकिन राहुल गांधी जी ने यात्रा निकालकर लोगों को एक करने का काम किया है। पूर्व सांसद ने कहा, ‘‘आज मैं फिर देश जोड़ने और संविधान बचाने की लड़ाई में राहुल गांधी जी के साथ खड़ा हूं।’’
तंवर ने कहा, ‘‘मैं हरियाणा के दलितों, वंचितों और पिछड़ों से अनुरोध करता हूं कि हरियाणा को फिर नंबर एक बनाने के लिए यहां कांग्रेस की सरकार बनाएं। मेरा आग्रह है कि लोग कांग्रेस को बड़ा जनादेश दें जिसका संदेश पूरे देश में जाए।’’ हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से दो दिन पहले बृहस्पतिवार को भाजपा को झटका देते हुए अशोक तंवर बृहस्पतिवार को महेंद्रगढ़ जिले में राहुल गांधी की रैली में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस में वापसी से कुछ घंटे पहले सिरसा के पूर्व सांसद तंवर ने सफीदों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था और मतदाताओं से भाजपा को तीसरी बार सत्ता में वापस लाने का आह्वान किया था।
तंवर पांच साल पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मतभेदों के चलते कांग्रेस से अलग हो गए थे। वह अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हुए थे। आप में शामिल होने से पहले वह कुछ समय के लिए तृणमूल कांग्रेस में भी रहे थे। भाजपा में शामिल होने के बाद तंवर ने मई में सिरसा लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। भाजपा ने सिरसा से निवर्तमान सांसद सुनीता दुग्गल का टिकट काटकर तंवर को मुकाबले में उतारा था।
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