न्यायालय ने डीएचसीबीए में कोषाध्यक्ष पद महिला सदस्यों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया

img

नई दिल्ली, गुरुवार, 26 सितम्बर 2024। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि ‘दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन’ (डीएचसीबीए) के पांच पदाधिकारियों के पैनल में एक अन्य पद के अलावा कोषाध्यक्ष का पद भी महिला सदस्यों के लिए आरक्षित किया जाए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि डीएचसीबीए की आम सभा को कार्यकारी समिति में तीन सीटें आरक्षित रखने पर भी विचार करना चाहिए, जिनमें से एक वरिष्ठ नामित महिला अधिवक्ता के लिए होनी चाहिए। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं डीएचसीबीए के अध्यक्ष मोहित माथुर से कहा कि वह जिला अदालतों के बार एसोसिएशन से भी इसी तरह की व्यवस्था करने का आग्रह करें। पीठ ने डीएचसीबीए को 10 दिनों के भीतर अपनी आम सभा की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। डीएचसीबीए की कार्यकारी समिति में पांच पदाधिकारियों सहित 15 सदस्य होते हैं।

सुनवाई की शुरुआत में माथुर ने कहा कि उन्हें कुछ समय दिया जाना चाहिए, क्योंकि पदाधिकारियों के पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने तथा कार्यकारी समिति के संबंध में कोई भी निर्णय केवल आम सभा द्वारा ही लिया जा सकता है तथा वह अकेले इस बारे में बयान नहीं दे सकते। पीठ ने कहा कि यह एक प्रगतिशील कदम है और कोषाध्यक्ष का पद किसी महिला को सौंपने से एसोसिएशन के कोष का विवेकपूर्ण उपयोग करने में मदद मिलेगी। हालांकि, माथुर ने कहा कि कार्यकारी समिति में पहले से ही पर्याप्त महिला सदस्य हैं। शीर्ष अदालत डीएचसीबीए में महिला सदस्यों के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। एसोसिएशन के चुनाव अक्टूबर या नवंबर में होने हैं।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement