दिल्ली सरकार ने प्रतिभाशाली छात्रों को पहचानने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया
नई दिल्ली, बुधवार, 28 अगस्त 2024। दिल्ली सरकार ने प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करने और उनकी क्षमता का उपयोग करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के वास्ते स्कूली शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए पांच दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने दिल्ली के कालकाजी स्थित एक सरकारी स्कूल में ‘प्रोजेक्ट अभिशिक्त’ के तहत 104 शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रही है। ‘प्रोजेक्ट अभिशिक्त’ का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करना, खास पाठ्यक्रम के लिए समर्थ शिक्षकों का चयन करना, प्रतिभाशाली छात्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करना और उन्हें यह पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना है।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक नाहर सिंह ने बताया, ‘‘ ‘प्रोजेक्ट अभिशिक्त’ का प्राथमिक लक्ष्य इन छात्रों की वर्तमान क्षमताओं और उनकी अपार संभावनाओं के बीच के अंतर को पाटना है। यह उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सहायता और एक अच्छी तरह से विकसित पाठ्यक्रम प्रदान करके हासिल किया जाएगा।” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य कक्षा छह और कक्षा नौ के विद्यार्थियों की अप्रयुक्त क्षमता का पता लगाना है, जो बाकी विद्यार्थियों से बेहतर हैं। अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर शिक्षक पढ़ाई में कमजोर छात्रों पर ध्यान देते हैं और इससे कभी-कभी प्रतिभाशाली छात्रों की क्षमताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी ने 15 सरकारी स्कूलों में प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करने के लिए ‘प्रोजेक्ट अभिशिक्त’ की शुरुआत की है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन का विषय था ‘प्रतिभा का परिचय और समझ’।
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