कांग्रेस एमयूडीए ‘घोटाले’ को लेकर विपक्ष की पदयात्रा का जवाब जनसभा से देगी

img

बेंगलुरु, मंगलवार, 30 जुलाई 2024। कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कथित मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भू-आवंटन घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल सेक्युलर (जद-एस) की पदयात्रा का मुकाबला करने के लिए जनसभाएं आयोजित करने की योजना बनाई है। दोनों विपक्षी दलों–भाजपा और जद(एस) ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती सहित भूमि गंवाने वाले अन्य लोगों को प्राधिकरण द्वारा गलत तरीके से भूखंड आवंटित किये जाने के विरोध में तथा उनके (सिद्धरमैया के) इस्तीफे की मांग करते हुए तीन से 10 अगस्त तक बेंगलुरु से मैसुरु तक पदयात्रा करने का निर्णय लिया है। गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस उन्हें पदयात्रा की अनुमति नहीं देगी लेकिन वह उन्हें रोकेगी भी नहीं। हालांकि, उन्होंने कानून का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी दी।

मंगलवार की दिल्ली यात्रा से पहले सोमवार रात सिद्धरमैया से परमेश्वर ने मुलाकात की थी। गृह मंत्री ने विपक्ष पर ‘‘दुष्प्रचार करने और गलत जानकारी फैलाने’’ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘हम (कांग्रेस) भी लोगों को यह बताने का प्रयास करेंगे कि सच्चाई क्या है। उनके द्वारा झूठ फैलाने की शुरुआत करने से एक दिन पहले हम लोगों को सच्चाई बताएंगे। चाहे वह मांड्या, बिदादी, रामनगर, या मैसुरु हो – हम (दो अगस्त को इन स्थानों पर) जनसभाएं करके लोगों को बताएंगे कि सच्चाई क्या है।’

पदयात्रा की अनुमति पुलिस द्वारा नहीं दिये जाने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने मंगलवार को कहा कि विपक्ष नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि वह (सरकार) इसे दबाने की चेष्टा करती है तो यह उस स्तर तक पहुंच जाएगी जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार हमें रोक नहीं सकती।’’ जब परमेश्वर से पूछा गया कि क्या बिना अनुमति के पदयात्रा निकालने पर विपक्ष के सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा तो गृहमंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें पदयात्रा करने दीजिए, पहले जब (भाजपा सरकार ने) हमें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी थी तब क्या हमने ऐसा नहीं किया? हम ऐसी चीजें (मामला दर्ज करने या गिरफ्तार करने) नहीं करेंगे।’’

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘यदि वे कानून का उल्लंघन करेंगे तो हम प्राथमिकी दर्ज करेंगे, यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो हम कार्रवाई क्यों करेंगे? कोई भी ऐसा अनावश्यक नहीं करेगा।’’ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि एमयूडीए ने उनकी पत्नी पार्वती की जमीन अवैध तरीके से लेने के एवज में उन्हें 14 आवासीय भूखंड वैध तरीके से आवंटित किए। एमयूडीए ने पार्वती को 3.15 एकड़ जमीन के बदले में 50:50 के अनुपात से भूखंड आवंटित किये थे जिन्हें प्राधिकरण ने आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया था। इस विवादास्पद योजना में एमयूडीए क्षेत्र विकसित करने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में जमीन देने वालों को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित की गई।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement