उच्चतम न्यायालय ने सैन्य भूमि बिक्री मामले में रांची के पूर्व उपायुक्त की जमानत याचिका खारिज की

img

नई दिल्ली, मंगलवार, 30 जुलाई 2024। उच्चतम न्यायालय ने रांची में सेना की जमीन की बिक्री से जुड़े एक मामले में शहर के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति एससी शर्मा की पीठ ने कहा कि वह पिछले वर्ष अक्टूबर में झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा खारिज की गई जमानत के आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है। रांची के बरैतू इलाके में 4.55 एकड़ सेना की जमीन को बेचने में कथित रूप से संलिप्तता के लिए चार मई को शहर में कई जगह छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रंजन को गिरफ्तार किया था।

ईडी ने पिछले महीने कहा था कि रांची में चेशायर होम रोड, पुगरू और सिरम स्थित तीन भूखंडों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुर्क किया गया है, जिनकी बाजार में कीमत 161.64 करोड़ रुपये है। ईडी ने कहा कि इन जमीनों को ‘भूमि राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि माफिया को धोखाधड़ी से बेच दिया गया।’ ईडी ने आरोप लगाया कि ‘झारखंड में माफिया द्वारा भूमि के स्वामित्व को अवैध तरीके से हासिल करने का एक बड़ा गिरोह चल रहा है’।

रंजन ने निर्धारित समय के भीतर आरोपपत्र दायर नहीं करने के आधार पर जमानत का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। उच्च न्यायालय ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा जांच को पूरा करने में कोई विसंगति नहीं की गई है और एक आरोपपत्र पहले ही दायर किया जा चुका है और इसलिए इस आधार पर जमानत का कोई मतलब नहीं है। एजेंसी इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। रंजन 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और इससे पहले राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक रह चुके हैं।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement