नीट-यूजी : ओएमआर शीट में छेड़छाड़ संबंधी याचिका पर दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा न्यायालय

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नई दिल्ली, सोमवार, 01 जुलाई 2024। उच्चतम न्यायालय ने विवादों से घिरी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ में ओएमआर शीट में छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख तय की है। यह याचिका सोमवार को सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष पेश की गयी। मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने वाले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल की ओएमआर शीट बदल दी गयी। पीठ ने वकील से कहा कि याचिकाकर्ता 23 जून को दोबारा हुई परीक्षा में बैठने की अनुमति मांग रहा था।

पीठ ने कहा, ‘‘परीक्षा (दोबारा परीक्षा) 23 जून को समाप्त हो गयी।’’ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), 2024 में अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली और इसे रद्द करने का अनुरोध करने वाली कई अन्य याचिकाएं उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित हैं। शुरुआत में पीठ ने कहा कि वह याचिका को अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगी। उसने कहा, ‘‘अगर आप भाग्यशाली रहे तो आपको किसी अन्य मामले में कोई आदेश मिल जाएगा।’’ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से पेश वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि याचिका को दो हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के लिए दो हफ्ते बाद की तारीख तय की।

उच्चतम न्यायालय ने 27 जून को एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए एनटीए से पूछा था कि नीट-यूजी 2024 में शामिल हुए अभ्यर्थियों को दी गई ओएमआर शीट से संबंधित शिकायतों को उठाने के लिए कोई समयसीमा है या नहीं। परीक्षा से जुड़ी अन्य लंबित याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय में आठ जुलाई को सुनवाई होनी है। न्यायालय ने नीट-यूजी 2024 को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच का अनुरोध करने संबंधी याचिकाओं पर 20 जून को केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा था।

इससे पहले 18 जून को उच्चतम न्यायालय ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा था कि परीक्षा के आयोजन में किसी की तरफ से यदि ‘0.001 प्रतिशत लापरवाही’ भी हुई हो, तब भी उससे पूरी तरह से निपटा जाना चाहिए। देश भर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा नीट-यूजी परीक्षा आयोजित की जाती है। केंद्र और एनटीए ने 13 जून को शीर्ष अदालत को बताया था कि उन्होंने 1,563 अभ्यर्थियों को दिए कृपांक रद्द कर दिए हैं। जिन विद्यार्थियों को कृपांक दिए गए थे, उन्हें पुन: परीक्षा या कृपांक छोड़ने का विकल्प दिया गया।

एनटीए ने सोमवार को नीट-यूजी के लिए पुन: परीक्षा के परिणाम घोषित किए और संशोधित रैंक सूची जारी की। यह पुन: परीक्षा 23 जून को करायी गयी थी। पांच मई को हुई नीट-यूजी 2024 परीक्षा 4,750 केंद्रों में करायी गयी और करीब 24 लाख अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए। पहले परीक्षा के परिणाम 14 जून को आने की उम्मीद थी लेकिन उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन समय से पहले होने के कारण नतीजे चार जून को घोषित कर दिए गए। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक समेत अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कई शहरों में प्रदर्शन हुए और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। आरोप लगे थे कि कृपांक की वजह से हरियाणा के एक ही केंद्र से छह परीक्षार्थियों के साथ 67 अन्य उम्मीदवारों को पूरे 720 अंक मिले।

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