पौष पुत्रदा एकादशी कल, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
एकादशी के दिन प्रभु श्री विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन व्रत करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती है। ज्योतिषियों की मानें तो, एकादशी का नियमित व्रत रखने से मन की चंचलता समाप्त हो जाती है, धन एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है। पुत्रदा एकादशी के व्रत संतान संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए किया जाने वाला व्रत है। पौष माह की पुत्रदा एकादशी विशेष लाभदायी मानी जाती है। इस उपवास को रखने से संतान संबंधी हर चिंता एवं समस्या का निवारण हो जाता है। 21 जनवरी यानी कल वर्ष की दूसरी एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी है।
पौष पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त:-
हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस बार पौष पुत्रदा एकादशी 21 जनवरी यानी कल मनाई जाएगी। एकादशी तिथि की शुरुआत 20 जनवरी यानी आज शाम 7 बजकर 26 मिनट से आरम्भ हो रही है तथा इसका समापन 21 जनवरी यानी कल शाम 7 बजकर 26 मिनट पर होगा। पौष पुत्रदा एकादशी के पारण का मुहूर्त 22 जनवरी को सुबह 7 बजकर 14 मिनट से लेकर 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
पौष पुत्रदा एकादशी पूजन विधि:-
पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाले लोगों को व्रत से पहले दशमी के दिन एक वक़्त सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। व्रती को संयमित एवं ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। प्रातःकाल स्नान के पश्चात् व्रत का संकल्प लें एवं प्रभु श्री विष्णु का ध्यान करें। फिर गंगा जल, तुलसी दल, तिल, फूल पंचामृत से भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत में व्रत रखने वाले बिना जल के रहना चाहिए। अगर व्रती चाहें तो संध्या काल में दीपदान के पश्चात फलाहार कर सकती हैं। व्रत के अगले दिन द्वादशी पर किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर, दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करना चाहिए।
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