राजस्थान चुनाव: नोखा में कांग्रेस प्रत्याशी को कार्यकर्ताओं की निष्ठा से जीत का भरोसा

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नोखा, गुरुवार, 16 नवम्बर 2023। राजस्थान की नोखा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला डूडी का यह पहला चुनाव है लेकिन उन्हें भरोसा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की निष्ठा और अपने पति रामेश्वर डूडी द्वारा इलाके में किए गए काम के बलबूते पर वह अपनी पहली राजनीतिक परीक्षा में सफल होंगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 25 नवंबर को होना है जबकि मतगणना तीन दिसंबर को होगी। नोखा के पूर्व विधायक रामेश्वर डूडी ब्रेन हेमरेज के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। कांग्रेस ने उनकी जगह उनकी पत्नी सुशीला डूडी को अपना उम्मीदवार बनाया है। सुशीला मानती हैं कि उन्हें राजनीति का बहुत कम अनुभव है। लेकिन उन्हें विश्वास है कि उनके पति रामेश्वर डूडी से इलाके के मतदाताओं के लगाव के बलबूते पर वह इस चुनाव में दूसरे प्रत्याशियों को टक्कर दे पाएंगी।

इस सीट पर उनका मुख्य मुकाबला मौजूदा भाजपा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई और निर्दलीय उम्मीदवार कन्हैया लाल झावर से है। सुशीला ने कहा कि नोखा में रामेश्वर डूडी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण नेता हैं और ‘‘जनता की भावना को देखते हुए पार्टी ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार राजनीति में आई हूं और मुझे कोई अनुभव नहीं है। मेरे पति इस निर्वाचन क्षेत्र में (पार्टी का) काम देखते थे। वह सभी कार्यों और निर्णयों के लिए जिम्मेदार थे, लेकिन इस बार विशेष हालात को देखते हुए, पार्टी ने मुझे यहां से उम्मीदवार बनाया है।’’

48 वर्षीया सुशीला डूडी ने कहा, ‘‘कई ऐसे समर्थक भी हैं जो सलाह देते हैं कि मुझे अपने पति की देखभाल करनी चाहिए और वे यहां से मुझे चुनाव जितवाने में पूरी मदद करेंगे।’ राज्य में इस समय कांग्रेस की सरकार है और पार्टी यहां एक बार फिर अपनी सरकार बनाने के लिए जी जान से चुनावी मैदान में उतरी है। सुशीला डूडी ने कहा, ‘मैं महिलाओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान दूंगी। यहां की महिलाएं हर संभव तरीके से सशक्त होना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सही चुनाव करेंगे और यह उनकी जीत होगी।’’

वहीं सुशीला डूडी की उम्मीदवारी के बारे में भाजपा प्रत्याशी बिश्नोई ने कहा कि रामेश्वर डूडी के अलावा कोई भी कांग्रेस उम्मीदवार वोट नहीं जुटा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘रामेश्वर डूडी की पत्नी उनके स्वास्थ्य की स्थिति के कारण मेरे खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। मैं रामेश्वर डूडी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं। वह कभी ‘संभावित-मुख्यमंत्री’ भी माने गए थे। वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। इससे पहले, रामेश्वर डूडी ने बहुत सारे वोट हासिल किए और चुनाव जीते, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई और ऐसा कर पाएगा, यहां तक कि उनकी पत्नी भी नहीं।’’

उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त को ब्रेन हैमरेज होने के बाद रामेश्वर डूडी की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो गई थी। 28 अगस्त को उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अपने पति की स्वास्थ्य स्थिति पर सुशीला डूडी ने कहा कि उन्होंने दिवाली उसी अस्पताल में बिताई, जहां रामेश्वर डूडी भर्ती हैं। उन्होंने कहा ‘‘उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है। मैं अभी दिल्ली से वापस आई हूं। मैं अपने पति के लिए वहां थी और मैंने वहीं दिवाली मनाई। मौजूदा हालात में मुझे एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है और मैं उन्हें निराश नहीं करूंगी।’’ उन्होंने कहा ‘‘रामेश्वर जी के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और अगर मैं चुनाव जीतती हूं, तो पूरी तरह से ठीक होने के बाद वह कार्यभार संभालेंगे। तब तक मैं काम करूंगी और लोगों की इच्छा के मुताबिक फैसले लूंगी।’’

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