मान की खुली बहस में शामिल नहीं हुए अकाली, कांग्रेस व भाजपा
लुधियाना, बुधवार, 01 नवम्बर 2023। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से सतलुज यमुना लिक नहर (एसवाईएल) सहित पंजाब के अन्य ज्वलंत मद्दों पर आहूत खुली बहस ‘मैं पंजाब बोलदा हां’ में शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता शामिल नहीं हुए। एसवाईएल मुद्दे पर पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय में दिए शपथ पत्र के पश्चात गर्माये इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के मुद्दों को लेकर विपक्षी पार्टियों को महा बहस की चुनौती दी थी। लुधियाना के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय स्थित डॉ मनमोहन सिंह ऑडीटोरियम हाल में आयोजित इस खुली बहस में पंजाब की तीनों बड़ी पार्टियां शामिल नहीं हुई।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बुधवार को एक्स पर कहा, ''आज एक नवंबर है, एक अप्रैल नहीं मान साहब। आपने आम जनता को खुला निमंत्रण देकर और फिर अपनी पुलिस से कहकर उन्हें बहस स्थल में प्रवेश न करने देने का यह अपमानजनक मज़ाक क्यों किया। यह निश्चित रूप से हास्यास्पद नहीं है। अगर आपको मुफ्ती में पुलिसकर्मियों को संबोधित करना ही था तो आप फिल्लौर पुलिस अकादमी में कर सकते थे और लुधियाना को इस उत्पीड़न से बचा सकते थे। भगवंत मान जी, आपकी पुलिस आम लोगों को डिबेट में नहीं आने दे रही है। अगर आपको ऐसा करना ही था तो पुलिस अकादमी, फिल्लौर में बिना वर्दी वाली पुलिस को दर्शकों के स्थान पर बिठाकर कार्यक्रम कर लेना चाहिए था। लुधियाना शहर को सील करने की कोई जरूरत नहीं थी और पंजाबियों को परेशानी नहीं उठानी पड़ी।
जाखड़ के एक्स के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ''जाखड़ साब, आपको सम्मान के आमंत्रित किया गया था, आप नहीं आए और अब बेकार बहाने बना रहे हैं। यह झूठ मत फैलाएं क्योंकि सभागार जनता से खचाखच भरा हुआ है। आइए और पंजाब के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा करें। शिरोमणी अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी आज की बहस पर सवाल उठाते हुए कहा कि लुधियाना में कर्फ्यू लगा दिया गया है, सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, दंगा विरोधी टीमों को तैनात किया गया है और संगठनों के प्रतिनिधियों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही निष्पक्ष मीडिया का मुंह बंद कर दिया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेलगिल ने एक्स पर कहा, ''श्री मान ने पंजाब के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एक ''खुली बहस'' का आयोजन किया है, इसमें इतना ''खुलापन'' है कि केवल चयनित मीडिया को कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की अनुमति है, लोगों को अनुमति नहीं है, विश्वविद्यालय के छात्रों को अनुमति नहीं है, किसी भी कार्यकर्ता को अनुमति नहीं है। बहस के नाम पर मान सरकार एक कठपुतली शो आयोजित कर रही है और आप ब्रिगेड चीयरलीडर है! मान बहस का प्रारूप ''मैं, मैं और मैं!'' मान साब इतने डरे हुए क्यों।
उन्होंने कहा कि श्री भगवंत मान द्वारा आज पंजाब में आयोजित ''खुली बहस'' का प्रारूप: ''मैं न्यायाधीश, जूरी और जल्लाद हूं'' जनता को अनुमति नहीं है क्योंकि केजरीवाल-मान सवालों का जवाब नहीं देना चाहते हैं जिनमें एसवाईएल नहर, शराब घोटाला, पंगु कानून व्यवस्था, क्षतिग्रस्त ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा व राज्य पर बढ़ता कर्ज शामिल हैं। गौरतलब है कि बहस के कारण पीएयु की सुरक्षा में दो हजार से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सादा वर्दी में भी पुलिस कर्मचारी आम लोगों में रह कर शरारती तत्वों पर नजर रखेंगे।
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