कांग्रेस नेतृत्व लोकसभा चुनाव को लेकर कर्नाटक के मंत्रियों और नेताओं से मिलेगा : शिवकुमार

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बेंगलुरु, सोमवार, 31 जुलाई 2023। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के.शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य के मंत्रियों और पार्टी नेताओं से दो अगस्त को दिल्ली में मुलाकात करने का फैसला किया है, ताकि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिये रणनीतिक कार्ययोजना तैयार की जा सके। इस बैठक का इसलिये महत्व है, क्योंकि यह पार्टी के भीतर अंसतोष की खबरों के बीच होने वाली है। करीब 30 विधायकों ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं होने और कई मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर शिकायत की है।

राज्य के नेताओं के दो अगस्त को दिल्ली जाने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा, ‘‘हां, हमारा राजनीतिक एजेंडा है, हमें संसदीय चुनाव की कार्ययोजना को अंतिम रूप देना है। मैं संसदीय चुनाव और टिकट बंटवारे की प्रक्रिया के लिए सभी नेताओं की जिम्मेदारी तय करना चाहता हूं।’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रत्याशियों का चयन कैसे किया जाना है, क्या किसी मंत्री या विधायक को मैदान में उतारना है, किसे क्या जिम्मेदारी दी जाए इन सब के लिए हमें मानदंड तैयार करने हैं और इसलिए उन्होंने(पार्टी नेतृत्व ने) सभी वरिष्ठ नेताओं को बुलाया है।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता राहुल गांधी, महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला उन नेताओं में शामिल हैं, जिनके दिल्ली में होने वाली बैठक में हिस्सा लेने की उम्मीद है।’’ जब शिवकुमार से पूछा गया कि क्या यह बैठक पार्टी में असंतोष के बाद बुलाई गई है, क्योंकि कुछ नेता खुश नहीं हैं तो उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई असंतोष नहीं है और कुछ विधायकों ने केवल पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की थी, जो पिछले सप्ताह संपन्न हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ नेताओं ने पार्टी विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, क्योंकि इससे पहले जब सीएलपी की बैठक बुलाई गई थी, तो उसी समय ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल विपक्षी दलों के नेता बेंगलुरु में बैठक के लिए आए थे और इसकी वजह से सीएलपी की बैठक स्थगित कर दी गई थी। ’’ उन्होंने बताया कि दो अगस्त की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और वह खुद सभी जिलों के नेताओं की बैठक बुलाएंगे और उनके मुद्दों का समाधान करेंगे। कई विधायकों के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने शिकायत की है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में काम नहीं करा पा रहे हैं और उनके अनुरोध के अनुसार (सरकारी कर्मचारियों के) स्थानांतरण की अनुमति नहीं दी जा रही है। उक्त विधायकों ने कुछ मंत्रियों की कार्यशैली की शिकायत भी की है और आरोप लगाया है कि वे सहयोग नहीं कर रहे हैं।

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