जम्मू में भारी बारिश, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात ठप

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जम्मू, बुधवार, 19 जुलाई 2023। जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों में रात भर भारी बारिश होने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात निलंबित कर दिया गया है जबकि अधिकारियों ने डोडा और किश्तवाड़ जिले में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा भी खराब मौसम के कारण रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू संभाग के कई हिस्सों में रात भर भारी बारिश हुई, जिसकी वजह से रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। उन्होंने बताया कि पहाड़ों से मिट्टी खिसकने और भूस्खलन के कारण अधिकारियों को यातायात रोकना पड़ा।

यातायात विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘राजमार्ग अब भी बंद है और जब तक मार्ग से भूस्खलन का मलबा हटा नहीं दिया जाता तब तक लोगों को यात्रा नहीं करने की हिदायत दी गई है।’’ अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले में जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर भी यातायात परिवर्तित किया गया है, जहां तरनाह नाला में अचानक आई बाढ़ की वजह से एक पुल के दो खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर डोडा और किश्तवाड़ जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को दिन भर के लिए बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण चिनाब और उसकी सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है और छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।

मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा में 315.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। प्रवक्ता ने बताया, ‘‘1980 के बाद से अब तक की सबसे ज्यादा बारिश हुई है।’’ अधिकारी ने बताया कि वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू रूप से जारी है, लेकिन मंदिर जाने के लिए नए बैटरी कार मार्ग को पत्थर गिरने और भूस्खलन की आशंका के मद्देनजर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर सेवा भी रोक दी गई है। कई जगहों पर, विशेषरूप से कठुआ और सांबा जिले में नदी और नाले भर चुके हैं या फिर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। वहीं, मौसम विभाग ने दोपहर तक और बारिश की आशंका जताई है। अधिकारी ने कहा, ‘‘कठुआ और सांबा में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कठुआ में उझ और बसंतर नदी खतरे के निशान को पार कर गई है जबकि जम्मू में तावी, चिनाब और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच चुका है।’’

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