डल झील में एलिगेटर गार मछली मिलने से वैज्ञानिक और अधिकारी चिंतित
श्रीनगर, रविवार, 14 मई 2023। जम्मू कश्मीर में श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील से मांसभक्षी एलीगेटर गार मछली के मिलने के बाद वैज्ञानिक और अधिकारी चिंतित हो गए हैं, क्योंकि जलाशय में इसकी मौजूदगी मछली की अन्य प्रजातियों के लिए बड़ा खतरा है। इस मछली का मुंह एलीगेटर जैसा होता है इसलिए इसे एलिगेटर गार मछली कहा जाता है। इसे झील में सफाई अभियान के दौरान पकड़ा गया है। झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एलसीएमए) में वैज्ञानिक डॉ शफीका पीर ने कहा, “ यह एक एलिगेटर गार मछली है जो आम तौर पर उत्तरी अमेरिका और भोपाल के बड़ा तालाब और केरल जैसे भारत के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। शिकारी और मांसभक्षी मछली होने के चलते यह डल झील की देसी प्रजातियों के लिए खतरा है।” पीर ने कहा कि यह चिंता की बात है कि यह मछली कश्मीर की जल प्रणाली में कैसे घुसी।
उन्होंने कहा, “ हमारी देसी मछलियों का क्या होगा? भोपाल जैसे कुछ स्थानों पर इस पर प्रतिबंध है, क्योंकि वह छोटी मछलियों को खा जाती है। यह अन्य प्रजातियों के लिए खतरा है और हमारे पास यहां अब तक इस प्रजातियों की मछली नहीं थी।” पीर ने कहा कि एलसीएमए ने झील में किसी अन्य एलिगेटर गार मछली की तलाश के लिए अब मत्स्य पालन विभाग और ‘शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी’ (एसकेयूएएसटी) के मत्स्य पालन प्रभाग से हाथ मिलाया है।
पीर ने कहा, “ हम यह पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाश शुरू करेंगे कि क्या यह सिर्फ एक मछली है, क्या यह संयोग से आ गई है, क्या किसी की शरारत है?” मत्स्य पालन विभाग में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी अत्ताउल्लाह खान ने कहा कि अबतक दो एलिगेटर गार मछलियां पकड़ी गई हैं। खान ने कहा कि ये मछलियां अमेरिका में पाई जाती हैं लेकिन एक्वेरियम वाले किसी तरह से इन्हें हासिल कर लेते हैं और जब ये बहुत बड़ी हो जाती हैं तो उन्हें पास के जलाशय में छोड़ देते हैं। अधिकारी ने कहा कि घबराने की बात नहीं है और जलाशयों को सुरक्षित करने के लिए हर कदम उठाया जाएगा। खान ने कहा कि झील में ऐसी और मछलियां हो सकती हैं।
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