माकपा और कांग्रेस सांसदों के दल का त्रिपुरा में चुनाव बाद हिंसा वाले इलाकों का दौरा

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अगरतला, शुक्रवार, 10 मार्च 2023। कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एम) माकपा सांसदों का दल चुनाव बाद हिंसा से बुरी तरह प्रभावित पश्चिम त्रिपुरा के सिपाहीजला और गोमती जिलों में पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम है। कांग्रेस और माकपा के आठ सांसदों का दल राज्य में राजनीतिक हिंसक घटनाओं की जांच के लिए पहुंची है और कांग्रेस के विधायकों और नेताओं के साथ पांच लोकसभा सांसदों और तीन राज्यसभा सांसदों के तीन समूहों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती होने बावजूद 16 फरवरी को चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद हिंसा शुरू हो गई थी लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद दो मार्च को परिणामों की घोषणा के बाद इसमें और वृद्धि हुई।

उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण पाँच हज़ार से अधिक स्त्री-पुरुषों और बच्चों ने अपना घर-बार छोड़ दिया हैं। कई लोगों ने भागकर राज्य के विभिन्न हिस्सों और दूसरे राज्य के बाहर शरण ली। पुलिस प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद कम से कम तीन लोग मारे गए और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।दोनों दलों के सांसदों का आज और शनिवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने का कार्यक्रम है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह के भीतर हजारों हमले करके विपक्षी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के सैकड़ों घरों, दुकानों, पशुओं, रबर के बागों और अन्य आजीविका विकल्पों को आग लगा दी और नष्ट कर दिया है।

त्रिपुरा माकपा सचिव जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों और उनके परिवार के सदस्यों को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस केवल मूक दर्शक बनी रही। उन्होंने बताया कि अब भाजपा समर्थित बदमाशों ने कर्मचारियों और व्यापारियों पर जश्न मनाने के लिए पैसे देने का दबाव बनाया है, जो भी इनकार करता है वह उस पर हमला कर देते है। उन्होंने कहा, हम इस तरह की हिंसा और हमलों में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रमुख से मिले हैं लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया जिससे उपद्रवियों पर रोक लग सके। पी आर नटराजन, गौरव गोगोई, रंजीता रंजन, ए ए रहीम, अब्दुल खालिक (लोकसभा) और बिकाश रंजन भट्टाचार्य, बिनय विश्वम और एलाराम करीम (राज्यसभा) सांसदों का दल मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर सकता है।

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