नाथद्वारा मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2022 एवं श्री सांवलियाजी मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2022 ध्वनिमत से पारित
जयपुर, शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2023। राज्य विधानसभा ने शुक्रवार को नाथद्वारा मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2022 एवं श्री सांवलिया जी मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2022 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। प्रारम्भ में देवस्थान मंत्री श्रीमती शंकुतला रावत ने दोनों विधेयक चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किये। सदन में विधेयकों पर हुई चर्चा के बाद देवस्थान मंत्री ने विधेयकों के उद्देश्यों एवं कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दोनों विधेयक उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार लाए गये हैं। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से पहले दोनों मंदिरों के बोर्ड में गूंगे, बहरे एवं कुष्ठ रोगी सदस्य नहीं बन सकते थे। उनके मन में इस कारण कुण्ठा होती थी। उन्होंने कहा कि दोनों विधेयक उनकी भावनाओं को सम्मान देने के साथ ही उनकी हीन भावना समाप्त करेंगे।
श्रीमती रावत ने बताया कि इन विधेयकों के पारित होने से अब गूंगे, बहरे एवं कुष्ठ रोगी भी इन मंदिरों के बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्य बन सकेंगे तथा धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि देवस्थान विभाग हमारी संस्कृति और आस्थाओं के संरक्षण का काम कर रहा है। साथ ही विभिन्न धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि देवस्थान विभाग के माध्यम से कोरोना के दौरान मोक्ष-कलश योजना चलाई गई एवं वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को तीर्थ यात्रा करवाई जा रही है। इससे पहले दोनाें विधेयकों को सदस्यों द्वारा जनमत जानने के लिए प्रचारित करने के प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।
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