एनडीआरएफ का तीसरा दल भी जाएगा तुर्किये, दो दलों ने शुरू किया बचाव अभियान

img

नई दिल्ली, बुधवार, 08 फ़रवरी 2023। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक (डीजी)अतुल करवाल ने बुधवार को कहा कि बल के 51 कर्मियों की एक नई टीम को भूकंप प्रभावित तुर्किये भेजा जा रहा है जहां एनडीआरएफ के दो दल पहले ही बचाव कार्य शुरू कर चुके हैं। करवाल ने कहा कि एनडीआरएफ की तीसरी टीम को हवाई मार्ग से वाराणसी से दिल्ली लाया गया है और वे आज रात तक वायुसेना के विमान से तुर्किये के लिए प्रस्थान कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को आए भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर नौ हजार के पार चली गई है। दुनियाभर के देश तुर्किये और सीरिया में लोगों की मदद करने के लिए सहायता और कर्मचारियों को भेज रहे हैं।

करवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मंगलवार को दो दल भेजे गए थे जिनमें कुल 101 कर्मी थे और उन्हें तुर्किये में अभियान चलाने के लिए स्थान बता दिया गया है और वे गाजीऐंटेप प्रांत के नूरदेगी में तैनात हैं जबकि अन्य उरफा इलाके के आसपास मौजूद हैं।

डीजी ने कहा, “ हमारे दलों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है और भारतीय दूतावास और तुर्किये प्रशासन के अधिकारी उनके साथ समन्वय कर रहे हैं। इस संबंध में तुर्किये से भारत सरकार को प्राप्त अनुरोध के बाद तीसरा दल प्रस्थान करने की तैयारी कर रहा है।” अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ के बचावकर्मियों को बताया गया है कि शक्तिशाली भूकंप आने के बाद तुर्किये में अलग अलग आकार की 600 इमारतें गिरी हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मलबे में से लोगों को निकालेगी, घायलों को प्राथमिक उपचार देगी और उन्हें चिकित्सा कर्मियों को सौंपेगी। उन्होंने कहा कि बल के कर्मियों के पास ऐसे राडर हैं जो व्यक्ति की दिल की धड़कन जैसी हल्की आवाज़ें तक सुन लेते हैं। डीजी ने कहा कि भेजे गए दोनों दल करीब एक पखवाड़े का राशन, तंबू और अन्य साजो समान लेकर गए हैं ।

करवाल ने कहा, “ हमने तुर्किये में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड में काम करने के लिए अपने बचाव कर्मियों को सर्दियों के विशेष कपड़े दिए हैं। ये कपड़े भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य से उधार लिए गए हैं।” उन्होंने कहा कि ज़मीन पर मौजूद टीम के पास संपर्क में रहने के लिए उपग्रह फोन हैं जबकि “हमें वहां से क्षेत्र कमांडर से मोबाइल फोन संदेश भी मिल रहे हैं।” करवाल ने कहा कि इन दलों में पांच महिला कर्मचारी भी शामिल हैं और यह पहली बार है कि एनडीआरएफ की महिला कर्मियों को भारत के बाहर तैनात किया गया है।

डीजी ने कहा कि महिला कर्मी अपने पुरुष सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दो दलों से मिली प्रतिपुष्टि (फीडबैक) के आधार पर तीसरा दल डीज़ल, सौर लालटेन और तैयार खाना लेकर जाएगा। तुर्किये को हर संभव मदद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेशकश के बाद सरकार ने सोमवार को चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री के साथ एनडीआरएफ की टीम को वहां भेजने का फैसला किया था। एक अधिकारी ने बताया कि सीरिया ने भारत सरकार से दवाइयां और सहायता का आग्रह किया था, इसलिए एनडीआरएफ की टीम वहां नहीं भेजी गई।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement