सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 26 प्रतिशत बढ़कर 13.63 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में में अब तक 26 प्रतिशत बढ़कर 13.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस वृद्धि में स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और कॉरपोरेट अग्रिम कर संग्रह के बेहतर प्रदर्शन का विशेष योगदान रहा है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, रिफंड के समायोजन के बाद चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट कर शामिल हैं। यह बजट में पूरे साल के लिए निर्धारित लक्ष्य का करीब 80 प्रतिशत है। चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का बजट अनुमान 14.20 लाख करोड़ रुपये था।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक बयान में कहा कि 17 दिसंबर, 2022 तक 2.28 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए जा चुके हैं जो एक साल पहले की तुलना में 68 फीसदी अधिक है। बयान के मुताबिक, 13,63,649 करोड़ रुपये के सकल संग्रह में कॉरपोरेट कर 7.25 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) 6.35 लाख करोड़ रुपये शामिल है। कुल संग्रह में अग्रिम कर संग्रह 5.21 लाख करोड़ रुपये, टीडीएस 6.44 लाख करोड़ रुपये और 1.40 लाख करोड़ रुपये का स्व-आकलन कर शामिल है।
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