'पीएम' मतलब प्रधानमंत्री नहीं बल्कि 'पैकेजिंग एंड मार्केटिंग' हो गया : जयराम

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सवाई माधोपुर, बुधवार, 14 दिसम्बर 2022। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने विकास के गुजरात मॉडल पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, बार बार जब गुजरात मॉडल की बात होती है... हमारे प्रधानमंत्री ने ‘पीएम’ की परिभाषा ही बदल दी है। ‘पीएम’ मतलब प्रधानमंत्री नहीं बल्कि इसका मतलब ‘पैकेजिंग एंड मार्केटिंग’ हो गया है जो पैकेजिंग और मार्केटिंग करते हैं। उनका कोई मुकाबला नहीं उसमें वे बहुत माहिर है। उन्होंने कहा, असली बात तो यह है कि अलग अलग राज्यों में जो काम किए गए हैं वे गुजरात से भी अधिक प्रभावशाली हैं और जनता के लिए फायदेमंद रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा, पीएम मोदी बार-बार कहते हैं कि हम Non-BJP सरकारों के साथ भेदभाव नहीं करते हैं, लेकिन मुझे लगता है पूर्वी राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट एक मिसाल है जहां जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है।

इससे पहले भारत जोड़ो यात्रा में सोमवार का दिन महिला शक्ति के नाम रहा। महिला शक्ति ने राहुल गांधी के साथ कदमताल किया, इसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी महिला शक्ति को तवज्जो दी गई। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तो खुद मजाकिया लहजे में यहां तक कह दिया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के मंच पर केवल एक तिहाई ही मर्द हैं। लेकिन इसके साथ ही जयराम रमेश ने राजनीति की हकीकत को अपने शब्दों में बयान करते हुए साफ कहा कि राजनीति कोई ब्यूटी कॉन्टेस्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतन्त्र में जो व्यवस्था है उसके मुताबिक चुनाव दो व्यक्तियों के बीच नहीं बल्कि पार्टियों के बीच होता है और सत्ता में वही बैठता है जिसकी पार्टी जीतती है।

राजनीति के लिए ब्यूटी कॉन्टेस्ट जैसे शब्दों के चुनाव से पहले ही उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि ब्यूटी कॉन्टेस्ट में प्रतिस्पर्द्धा अलग तरह की होती है और राजनीति में कुछ अलग तरह की। रमेश ने कहा कि चुनाव सिम्बल और घोषणा पत्र के आधार पर लड़े जाते हैं और जीतने के बाद ही यह तय होता है कि सरकार किसकी होगी और मुख्यमंत्री कौन होगा।

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