यदि केंद्र विपक्ष की बात सुनता तो भारत जोड़ो यात्रा की जरुरत नहीं होती : पचौरी
अमला नानकर (मप्र), शनिवार, 03 दिसम्बर 2022। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने शनिवार को कहा कि अगर केंद्र की ‘तानाशाही’ सरकार विपक्ष की आवाज सुनती तो कांग्रेस को भारत जोड़ो यात्रा का आयोजन नहीं करना पड़ता। पचौरी, मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के अमला नानकर में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा के शिविर में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केंद्र की तानाशाही सरकार विपक्ष की आवाज सुनती और विपक्ष को संसद में मुद्दे उठाने का मौका मिलता तो कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा नहीं निकालती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर सभी संवैधानिक निकायों को विकलांग नहीं बनाया जाता, अभिव्यक्ति के अधिकार को खत्म नहीं किया जाता और अगर लोकतंत्र के सभी स्तंभों को मजबूती से खड़ा रहने दिया जाता तो भारत जोड़ो यात्रा की जरुरत नहीं होती।’’
केंद्र की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा झूठा निकला और लोगों के खातों में 15 लाख रुपये जमा करने का वादा भी झूठा निकला। उन्होंने दावा किया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं किया गया और किसानों को वर्तमान में लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। पचौरी ने आरोप लगाया कि नोटबंदी और वस्तु सेवा कर (जीएसटी) के गलत क्रियान्वयन ने अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया जबकि केंद्र काले धन का पता लगाने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में वृद्धि लोगों को परेशान कर रही है। पचौरी ने मध्यप्रदेश में कमलनाथ की 15 महीने की सरकार की सराहना की और शिवराज सिंह चौहान की सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा रविवार को प्रदेश से राजस्थान में प्रवेश करेगी।
Similar Post
-
सुनेत्रा पवार के खिलाफ बारामती विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेगी राकांपा (शप): सुले
पुणे (महाराष्ट्र), सोमवार, 16 मार्च 2026। राष्ट्रवादी कांग्रेस ...
-
चुनाव की घोषणा से ठीक पहले ममता सरकार ने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की
कोलकाता, रविवार, 15 मार्च 2026। विधानसभा चुनावों की तारीखों की ...
-
केंद्र सरकार के 'गलत फैसलों' के कारण एलपीजी की भारी कमी हुई है: स्टालिन
चेन्नई, रविवार, 15 मार्च 2026। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध् ...
