उद्योग विभाग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने वाली निर्यातक इकाइयों के हित में उठाया अहम कदम
- ग्राउंड रेंट या सहभागिता शुल्क पर 50 फीसदी की दर से किया जा सकेगा राशि का पुनर्भरण
जयपुर, बुधवार, 16 नवंबर 2022। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत के निर्देशों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले व्यापार मेलों और प्रदर्शनी में भाग लेने पर इकाइयों द्वारा चुकाए गए ग्राउंड रेंट पर पुनर्भरण योजना को संवर्द्वित एवं रूपान्तरित करते हुए इसकी तिथि को 31 मार्च 2025 तक बढ़ाया गया है। साथ ही रेंट या सहभागिता शुल्क पर प्रति प्रदर्शनी 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 1 लाख रूपए की राशि का पुनर्भरण के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद् के चेयरमैन श्री राजीव अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेने वाली इकाइयों के लिए सराहनीय कदम साबित होगा। उन्होंने बताया कि “ग्राउण्ड रेंट पर पुनर्भरण योजना“ की गाइडलाइन के अनुसार पुनर्भरण की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2022 थी। इसे 31 मार्च 2025 तक बढ़ाया गया है। इस योजना को राज्य सरकार द्वारा निर्यातकों की वर्तमान आवश्यकतानुसार संशोधित कर दिया गया है।
अरोड़ा ने बताया कि योजना की क्रियान्वयन एजेन्सी राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद् होगी। उन्होंने बताया कि अनुमोदित अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों, बायर्स सेलर्स मीट, ट्रेड शो आदि में हिस्सा लेने पर 9 वर्ग मी. तक की स्टाल पर चुकाये गये ग्राउंड शुल्क पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 1 लाख रुपए की राशि का पुनर्भरण किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एक वित्तीय वर्ष में एक इकाई को कुल 2 इवेन्ट्स के लिए अधिकतम कुल 2 लाख रूपये का पुनर्भरण किया जा सकेगा।
राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद् के चेयरमैन ने बताया कि निर्यात प्रोत्साहन के लिए विदेशों में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों या अन्य गतिविधियों में राज्य से प्रतिनिधिमण्डल भेजने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा पहली बार परिषद् को 10 लाख रुपए का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद् के साथ पंजीकृत एमएसएमई एवं आयात-निर्यात कोड धारक ऐसी निर्यातक इकाई जो राजस्थान में स्थापित हो या “मिशन निर्यातक बनों“ के अन्तर्गत पंजीकृत निर्यातक इकाईयां इस योजना की पात्र होंगी। अरोड़ा ने बताया कि वे भी इकाई इस योजना का लाभ उठा सकेंगी, जिसके द्वारा निर्यात गतिविधियां मिशन-निर्यातक बनों के आरंभ होने के बाद शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नवीन निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की यह अनूठी योजना है जो निर्यातकों के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
Similar Post
-
केंद्र अपनी विफलताओं के लिए पश्चिम एशिया संघर्ष को जिम्मेदार ठहराएगा: ईंधन के दाम में वृद्धि पर मान
चंडीगढ़, मंगलवार, 19 मई 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ...
-
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे: अदालत ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज की
नई दिल्ली, मंगलवार, 19 मई 2026। दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में उत्तर- ...
-
ऑपरेशन सिंदूर 'स्मार्ट पावर' की संपूर्ण अभिव्यक्ति थी : सेना प्रमुख
नई दिल्ली, मंगलवार, 19 मई 2026। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवे ...
