जेआईएएल को एरोड्राम लाइसेंस मिला

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जयपुर, शनिवार, 12 नवंबर 2022। जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का परिचालन करने वाली कंपनी जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जेआईएएल) को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एरोड्राम लाइसेंस मिला है, जिसके बाद वह विस्तार मोड में आ गया है। इससे पहले, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) लाइसेंस धारक था और अब यह निजी कंपनी नई लाइसेंस धारक बन गई है। कंपनी अक्टूबर 2021 से जयपुर हवाई अड्डे का संचालन कर रही है। समझौते के अनुसार हवाई अड्डे के पूर्ण प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए हवाईअड्डा संचालक को लाइसेंस दिया जाता है।

जेआईएएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,’हमें जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के लिए एरोड्राम लाइसेंस मिला है। अब हवाई अड्डे का पूरा प्रबंधन, स्वीकृति समझौते के अनुसार हमारे पास है। हवाई अड्डे पर बड़े ग्राहक-केंद्रित बदलाव किए गए हैं और अब हम विस्तार की सोच रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हवाईअड्डा प्रबंधन ने जयपुर हवाई अड्डे पर व्यापक सर्वेक्षण किया है जिसमें पता चला है कि वर्तमान यात्री आवागमन 50 लाख प्रति वर्ष है जो 2025 तक एक करोड़ तक पहुंच जाएगा। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, प्रबंधन अब टर्मिनल-1 को फिर से खोलने की योजना बना रहा है जो गत 10 साल से परिचालन में नहीं है।’

अधिकारी के अनुसार इसके चालू होने के बाद अनिर्धारित उड़ानें (चार्टर्ड उड़ानें और एयर एम्बुलेंस) और कुछ अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों का परिचालन टर्मिनल नंबर एक से किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘पर्यावरण दिशानिर्देशों के अनुसार दूदू शहर के पास एक लघु-वन विकसित कर रहा है, जहां 4400 पेड़ लगाए जाएंगे और पांच साल तक उनकी देखभाल की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम टर्मिनल-1 के विस्तार के दौरान हरित आवरण को किसी प्रकार की क्षति को ध्यान में रखते हुए कानूनन यह कदम उठाया जा रहा है।’ वहीं टर्मिनल—2 पर भी कई नए काम किए गए हैं। टी-2 पर इसी माह पौधारोपण किया गया है, पुराने वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन लाए गए हैं। जबकि जनता के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाहन चार्जिंग स्टेशन खोलने इसी माह खुलेगा। टी-1 को चालू करने के लिए हवाई अड्डा प्रशासन द्वारा लगभग 240 सीआईएसएफ सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता बताई गई है।

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