राजनीतिक दलों के खोखले चुनावी वादों के दूरगामी प्रभाव होंगे: निर्वाचन आयोग
नई दिल्ली, मंगलवार, 04 अक्टूबर 2022। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को चुनावी वादों की वित्तीय व्यवहार्यता के बारे में मतदाताओं को प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने को लेकर राजनीतिक दलों को पत्र लिखा और इस मुद्दे पर उनके विचार जानने चाहे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह चुनावी वादों पर पूर्ण जानकारी ना देने और उसके वित्तीय स्थिरता पर पड़ने वाले अवांछनीय प्रभाव की अनदेखी नहीं कर सकता है क्योंकि खोखले चुनावी वादों के दूरगामी प्रभाव होंगे। राजनीतिक दलों द्वारा किए गए चुनावी वादों की घोषणा संबंधी प्रस्तावित प्रारूप में तथ्यों को तुलना योग्य बनाने वाली जानकारी की प्रकृति में मानकीकरण लाने का प्रयास किया गया है। प्रस्तावित प्रारूप में वादों के वित्तीय निहितार्थ और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता की घोषणा करना अनिवार्य है। सुधार के प्रस्ताव के जरिये, निर्वाचन आयोग का मकसद मतदाताओं को घोषणापत्र में चुनावी वादों की वित्तीय व्यवहार्यता के बारे में सूचित करने के साथ ही यह भी अवगत कराना कि क्या वे राज्य या केंद्र सरकार की वित्तीय क्षमता के भीतर हैं या नहीं।
Similar Post
-
केंद्र अपनी विफलताओं के लिए पश्चिम एशिया संघर्ष को जिम्मेदार ठहराएगा: ईंधन के दाम में वृद्धि पर मान
चंडीगढ़, मंगलवार, 19 मई 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ...
-
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे: अदालत ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज की
नई दिल्ली, मंगलवार, 19 मई 2026। दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में उत्तर- ...
-
ऑपरेशन सिंदूर 'स्मार्ट पावर' की संपूर्ण अभिव्यक्ति थी : सेना प्रमुख
नई दिल्ली, मंगलवार, 19 मई 2026। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवे ...
