आंध्र प्रदेश में प्रमुख नदियों के उफान पर होने से बाढ़ का खतरा बढ़ा

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अमरावती, बुधवार, 17 अगस्त 2022। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले दो दिनों में नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद भारी बारिश होने से आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी में बाढ़ का खतरा बुधवार को फिर से बढ़ रहा है। भारी बारिश के परिणामस्वरूप राजामहेंद्रवरम के पास डोवालेस्वरम में सर आर्थर कॉटन बैराज में पानी का प्रवाह बढ़कर 14.42 लाख क्यूसेक (प्रति सेकंड जल प्रवाह का घन फुट) हो गया है। पड़ोसी तेलंगाना के भद्राचलम में गोदावरी में जलस्तर लगभग 15 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जो खतरे के तीसरे निशान 54.5 फुट के स्तर को पार कर गया। अगले कुछ घंटों में कॉटन बैराज में और अधिक बाढ़ का पानी आने की संभावना है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि दूसरा चेतावनी संकेत कॉटन बैराज पर बना हुआ है, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की तीन टीम को बाढ़ प्रभावित जिलों अल्लूरी सीताराम राजू, बीआर अंबेडकर कोनसीमा और एलुरु में राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया है। एसडीएमए के प्रबंध निदेशक बी आर अंबेडकर ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘बाढ़ कम होने तक नदी के तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहना होगा।’’ इस बीच, कृष्णा नदी में श्रीसैलम जलाशय से बुधवार को सुबह 3.95 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

आंध्र प्रदेश जल संसाधन सूचना प्रबंधन प्रणाली के आंकड़ों से पता चलता है कि नागार्जुन सागर बांध से लगभग इतनी ही मात्रा में बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है। नागार्जुन सागर के नीचे डॉ के. एल. राव सागर पुलीचिंतला में पानी का आंतरिक प्रवाह 3.75 लाख क्यूसेक और बाहरी प्रवाह 3.56 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था। विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज में 2.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में, श्रीकाकुलम जिले में नागावली और वामसाधारा नदियों में भी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण प्रचुर मात्रा में पानी का प्रवाह हो रहा है। श्रीकाकुलम के गोट्टा बैराज में बाढ़ का प्रवाह बढ़कर 54,853 क्यूसेक हो गया, जिसके बाद पहला चेतावनी संकेत दिया गया।

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